अयोध्या राम मंदिर से दान चोरी के मामले में SIT टीम लगातार जांच कर रही है. टीम ने अब मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से लंबे समय तक पूछताछ की है.

चंपत राय से SIT की पूछताछ
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT की टीम लगातार जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार को टीम ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से पूछताछ की है. टीम ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव सहित नकदी गणना प्रक्रिया से जुड़े कई कर्मचारियों से पूछताछ की है. टीम ने इस दौरान दान किए गए पैसे, सुरक्षा व्यवस्था और गिनने की प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के बारे में जानकारी ली है.
सीसीटीवी फुटेज की जांच
आज टीम तीसरे दिन कई चीजों पर जांच करेगी और संबंधित लोगों से पूछताछ करेगी. आपको बता दें कि जांच दल ने मंदिर परिसर में मौजूद दान पात्रों का निरीक्षण किया और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है. टीम ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और नकदी को जमा करने की प्रक्रिया और दूसरे डॉक्यूमेंट्स की जांच की है. SIT टीम जांच कर रही है कि दान की गई राशि किन लोगों की निगरानी में गुजरती है.
विशेष कक्ष का किया निरीक्षण
SIT प्रमुख विजय विश्वास पंत ने रामलला के गर्भगृह के सामने मौजूद विशेष कक्ष का निरीक्षण भी किया है. इस विशेष कक्ष में दान किए गए पैसे और आभूषणों को सुरक्षित रखा जाता है. इस कक्ष को संभालने वाले कर्मचारी तिवारी से भी टीम ने पूछताछ की है. मंगलवार को सुबह लगभग 10.30 बजे टीम मंदिर परिसर पहुंची थी. जिसके बाद पदाधिकारियों से पूछताछ शुरू की गई.
40 कर्मचारी रहते हैं शामिल
SIT टीम ने सबसे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से नगदी गिनने में लगे कर्मचारियों की नियुक्ति और निगरानी तंत्रों के साथ जिम्मेदारियों के निर्धारित करने को लेकर सवाल किए हैं. जिसके बाद व्यवस्थापक गोपाल राव से भी टीम ने आंतरिक व्यवस्था और धनराशि प्रबंधन से संबंधित जानकारी इकट्ठा की है. पूछताछ के दौरान सामने आया कि दानपात्रों से मिली राशि की गणना में ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक और कलेक्शन एजेंसी से जुड़े लगभग 40 कर्मचारी शामिल रहते हैं.
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