भरत तिवारी की मां और पिता ने न्यायिक जांच आयोग के सामने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने इस दौरान पुलिसकर्मियों को सजा देने के लिए मांग की है. आयोग ने मृतक के परिजनों को 2 घंटों तक सुना है.

भरत तिवारी के परिजनों के गंभीर आरोप
बिहार के भोजपुर में हुआ भरत तिवारी एनकाउंटर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. अब इस मामले में शनिवार को मृतक के माता-पिता ने न्यायिक जांच आयोग के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं. पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सन्हा की अध्यक्षता वाले आयोग के सामने मृतक के माता-पिता ने दावा किया कि भरत ने हथियार को फेंक दिया था, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने उसे गोली मारी.
कई पुलिसकर्मियों के नाम
भरत तिवारी की मां ने आयोग के सामने कहा कि घटना में SDM, DSP राजेश कुमार शर्मा, इंस्पेक्टर, थानेदार राजेश कुमार मालाकार के साथ कई पुलिसकर्मी शामिल थे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर जैसी स्थिति बन जाने के बाद भी पुलिस ने उनके बेटे को गोली मार दी. इस दौरान उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की और कहा कि उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए.
आयोग ने 2 घंटों तक की पूछताछ
मृतक भरत तिवारी के पिता ने पूरी घटना को सामने रखा. उन्होंने इस दौरान आरोप लगाया कि घटना के बाद पूरे परिवार को एक दिन तक थाने में बंद रखा गया. उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, बल्कि उनके बेटे का मोबाइल भी अभी तक वापस नहीं किया गया है. जानकारी के मुताबिक आयोग ने लगभग 2 घंटों तक इस मामले में शुरुआत से पूछताछ की है.
पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज
बताया जा रहा है कि 13 जुलाई को भरत की भाभी और 14 जुलाई को उसके भाई की गवाही भी होनी है. आपको बता दें कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ BNS की धारा 103(1), धारा 2(5) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है. अब भरत तिवारी एनकाउंटर मामला आने वाले दिनों में काफी संवेदनशील हो सकता है. बताया जा रहा है कि इन धाराओं में जमानत मिलना काफी मुश्किल है.
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