Bihar Anti Encroachment Drive: बिहार में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत रविवार को प्रशासन ने जेडीयू कोटे की समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता के निजी अस्पताल की अवैध बाउंड्री वॉल पर बुलडोजर चला दिया.
Bihar Anti Encroachment Drive: बिहार से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है. राज्य में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत एक बड़ा एक्शन लिया गया है. इस बार प्रशासन का बुलडोजर किसी आम आदमी की दुकान पर नहीं, बल्कि बिहार सरकार की एक कद्दावर मंत्री के निजी अस्पताल पर चला है. प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है. हर तरफ इस बात की चर्चा हो रही है कि सरकार ने अपनी ही मंत्री के परिवार से जुड़े संस्थान पर इतनी सख्त कार्रवाई कैसे कर दी.
यह पूरा मामला समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता और उनके पति डॉ. वरुण कुमार से जुड़ा हुआ है. दोनों का एक बड़ा निजी अस्पताल है. अधिकारियों के मुताबिक, इस अस्पताल की बाउंड्री वॉल को सड़क की सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था. रविवार के दिन प्रशासन की पूरी टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. इसके बाद बुलडोजर की मदद से सड़क की जमीन पर किए गए इस अवैध निर्माण को पूरी तरह से ढहा दिया गया.
प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक द्वेष में नहीं की गई है. दरअसल, सीतामढ़ी रिंग बांध सड़क को चौड़ा करने का एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है. इस रीगा अंचल क्षेत्र में सड़क विस्तार के काम में कई जगह रुकावटें आ रही थीं. मंत्री के अस्पताल की बाउंड्री भी इसी रास्ते में बाधा बन रही थी. सड़क चौड़ीकरण के काम को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है. नियमों के मुताबिक जो भी निर्माण रास्ते में आ रहा है, उसे हटाया जा रहा है.
आपको बता दें कि डॉ. श्वेता गुप्ता नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे से मंत्री हैं. वह शिवहर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव जीतकर विधायक बनी हैं और उन्हें कैबिनेट में जगह मिली है. मंत्री पद संभालने के बाद यह पहला मौका है जब उनके खुद के परिवार से जुड़े किसी संस्थान पर इस तरह का प्रशासनिक हंटर चला है. इस वजह से यह मामला पूरे बिहार के सियासी गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है.
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में तरह तरह की बातें हो रही हैं. लोग प्रशासन के इस निष्पक्ष रवैये की तारीफ भी कर रहे हैं. हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता या उनके पति डॉ. वरुण कुमार की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है. उनकी तरफ से पूरी तरह चुप्पी साधी गई है. दूसरी तरफ प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा और सड़क के रास्ते में आने वाले सभी अतिक्रमणों को इसी तरह हटाया जाएगा.

