UP Assembly Election 2027: बीएसपी ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है. पश्चिमी यूपी के बाद आकाश आनंद सितंबर में पूर्वांचल में जनसभाएं कर कोर वोट बैंक और युवाओं को जोड़ने की कोशिश करेंगे. बसपा चीफ मायावती ने आकाश की 25 अगस्त को नोएडा के जेवर में जनसभा को मंजूरी दी है. विधानसभा चुनाव से पहले मायावती की मंडलीय रैलियों से पूर्व आकाश वोट बैंक मजबूत करेंगे. बसपा सुप्रीमो आकाश को मैदान में उतारेंगी ताकि जेन जी को आकर्षित किया जा सके. इससे पार्टी के कोर वोट बैंक को विपक्ष के पाले में जाने से बचाया जा सकेगा.
25 अगस्त को नोएडा के जेवर में आकाश आनंद की पहली बड़ी जनसभा
बसपा प्रमुख मायावती ने 25 अगस्त को नोएडा के जेवर में आकाश आनंद की पहली बड़ी जनसभा को हरी झंडी दे दी है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद सितंबर महीने से पूर्वांचल के जिलों में आकाश आनंद की ताबड़तोड़ जनसभाएं प्रस्तावित हैं. मायावती की मुख्य मंडलीय रैलियों से पहले आकाश पूरे प्रदेश में जमीन तैयार करेंगे. पूर्वांचल में बसपा नेता इंदु चौधरी और पूर्व सांसद अतुल राय जैसे नेता पार्टी को दोबारा मजबूत करने में जुटे हैं.
अस्तित्व की चुनौती
वर्तमान में संसद और यूपी विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व बेहद कमजोर हुआ है, जिससे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा भी दांव पर है. 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता भी नहीं खुल सका. वर्तमान में बसपा का लोकसभा में कोई प्रतिनिधि नहीं है. राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल भी जल्द खत्म होने वाला है. उत्तर प्रदेश में बसपा के अकेले विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो चुका है. पार्टी का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कई वर्षों से खतरे में है. चुनाव से पहले विपक्षी दलों के कई कद्दावर नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की रणनीति पर भी काम जारी है.
2024 के झटके के बाद बसपा की नई रणनीति
2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने पूर्वांचल (लालगंज, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर) से 4, पश्चिमी यूपी से 4 और अवध/तराई से 2 सीटें जीती थीं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका.इनमें आजमगढ़ की लालगंज से संगीता आजाद और गाजीपुर से अफजाल अंसारी सांसद बने थे. घोसी से अतुल राय और जौनपुर से श्याम सिंह यादव भी जीतकर सांसद बने थे. पश्चिमी उप्र में भी चार सांसद बने थे.
इनमें सहारनपुर से हाजी फजलुर्रहमान और बिजनौर से मलूक नागर शामिल थे. नगीना से गिरीश चंद्र और अमरोहा से कुंवर दानिश अली भी सांसद बने थे. तराई इलाके के श्रावस्ती से राम शिरोमणि वर्मा और अवध क्षेत्र रितेश पांडेय भी सांसद बने थे. हालांकि इसके बाद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता भी नहीं खुल सका. इसी वजह से बसपा का फोकस पश्चिम और पूर्वांचल पर अधिक है. पूर्वांचल में बसपा नेता इंदु चौधरी लगातार पार्टी के लिए जमीन तैयार कर रही हैं तो पूर्व सांसद एवं बाहुबली नेता अतुल राय भी पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं.
बसपा का नया प्लान
बसपा न केवल अपने पारंपरिक कैडर को वापस लाने की कोशिश कर रही है, बल्कि चुनाव से पहले अन्य दलों के कद्दावर नेताओं को शामिल कराने की रणनीति पर भी काम कर रही है. पूर्वांचल के जिलों से आकाश की जनसभाओं की लगातार मांग हो रही है. बसपा ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल में चार सीटों पर जीत हासिल की थी.
