बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती आज अपना जन्मदिन मना रही हैं. इस मौके पर उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई हस्तियों ने बधाई दी है. मायावती आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं. मायावती के नाम पर कई ऐसे रिकॉर्ड हैं, जो किसी और नेता ने अपने नाम नहीं कर पाए हैं.
राजनीति में कैसे हुई मायावती की एंट्री?
मायावती को बहनजी के नाम से भी जाना जाता है. मायावती भारत की राजनीति की प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं. मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 में दिल्ली के एक दलित परिवार में हुआ था. मायावती का शुरुआती लक्ष्य IAS बनना था, लेकिन बाद में उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना था. मायावती की राजनीति में एंट्री बहुजन आंदोलन के मुख्य नेता कांशीराम ने कराई थी. कांशीराम ने मायावती को BSP से जोड़ा था, जिसके बाद में वे पार्टी के मुख्य नेता के तौर पर उभरकर नजर आईं.
4 बार रह चुकी हैं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री
मायावती 4 बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. उन्होंने प्रदेश की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखे. मायावती को पहली बार 3 जून 1995 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया था. इस दिन से इतिहास बन गया, क्योंकि इससे पहले कोई भी दलित महिला प्रदेश की मुख्यमंत्री नहीं बनी थी. मायावती को 39 साल की उम्र में मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया था.
- मायावती का दूसरा कार्यकाल- मायावती का दूसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल 21 मार्च से 21 सितंबर 1997 तक रहा. इस कार्यकाल में उन्होंने राज्य के प्रशासनिक सिस्टम को मजबूत करने की काफी कोशिश की थी.
- तीसरा कार्यकाल- मायावती ने अपने तीसरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में सामाजिक नीतियों को धार दी और पार्टी की राजनीति को काफी मजबूत किया. मायावती का तीसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल 3 मई साल 2002 से लेकर 29 अगस्त 2003 तक रहा.
- चौथा कार्यकाल- मायावती तो उत्तर प्रदेश में चौथी बार 13 मई 2007 को मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया था. इस कार्यकाल को उनका सबसे महत्वपूर्ण कार्यकाल कहा जाता है. साल 2007 में हुए विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी BSP को पूर्ण बहुमत मिला थी और उन्होंने पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा किया था. वे 13 मई 2007 से 15 मार्च 2012 तक मुख्यमंत्री रहीं.
मायावती के ऊपर लगे कई आरोप
मायावती ने राजनीति के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी देखे, उनके ऊपर कई बार तरह-तरह के आरोप भी लग चुके हैं. मायावती के कार्यकाल के दौरान उनके ऊपर कई तरह के आरोप भी लगे थे. मायावती के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं. इसी के साथ ताज कॉरिडोर विवाद जैसे मुद्दे भी उनके कार्यकाल में उठे थे. मायावती का शासन हमेशा ही तारीफ का विषय नहीं रहा है.
कार्यकाल के दौरान मायावती ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद को संभालते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं. मायावती ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कई निर्णायक और विकासात्मक कदम उठाए हैं. इनमें प्रमुख हैं-
- कानून व्यवस्था- मायावती ने अपने शासन में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने पर काफी जोर दिया था. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपराधों को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया था.
- सामाजिक न्याय और कल्याण नीतियां- मायावती ने अपने कार्यकाल में दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के अधिकारों को मजबूत करने पर काम किया है. उन्होंने अपने कार्यकाल में सशक्त सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के साथ आरक्षण नीतियों का विस्तार किया और शिक्षा और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं को लागू किया.
- विकास कार्य और बुनियादी ढांचा- मायावती ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश में कई बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सार्वजनिक निर्माणों के कामों को शुरू किया था. उनके इन फैसलों से प्रदेश में विकास की स्पीड को काफी मजबूती मिली.
