कर्नाटक में मुख्यमंत्री कुर्सी की खींचतान अब बंद हो गई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा दिया है.

सिद्धारमैया ने दिया सीएम पद से इस्तीफा
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर चल रहे खींचतान पर अब विराम लग गया है. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पद से इस्तीफा दे दिया है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं लोकभवन गया था और मैंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. राज्यपाल थावर चंद गहलोत बेंगलुरु में नहीं हैं, इसलिए मैंने उनके ऑफिस में सचिव को इस्तीफा दे दिया है.
मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे राज्यपाल- सिद्धा
सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल आज रात में लौट रहे हैं और मुझे विश्वास है कि वे मेरा पत्र स्वीकार कर लेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद स्वीकार करना और अगले मुख्यमंत्री के लिए रास्ता दिखाना उन्हीं की जिम्मेदारी होती है. उन्होंने कहा कि मैं तो शुरू से कह रहा था कि जब भी हाईकमान निर्देश देगा, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और अब निर्देश मिलने के बाद मैंने इस्तीफा दे दिया है.
नई सरकार को मेरा पूरा समर्थन- सिद्धारमैया
इस दौरान उन्होंने कहा कि संविधान के मुताबिक नई सरकार का गठन किया जाएगा और नई सरकार में मेरा पूरा समर्थन रहेगा. उन्होंने कहा कि मैंने साल 2006 में कांग्रेस को जॉइन किया था. साल 2006 से अब तक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, विधायकों और सांसदों समेत सभी लोगों ने मुझे बेहद प्यार दिया है. उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री रहते हुए मेरे साथ काम करने वाले लोगों ने पूरा सहयोग दिया है.
हमने लगभग सभी वादे पूरे किए
सिद्धारमैया ने इस दौरान कहा कि असमानता को दूर करने के लिए सभी लोगों को एक समान मौके मिलने चाहिए. उन्होंने कहा कि इसलिए हमने चुनाव के दौरान जो भी वादे किए थे उन्हें पूरा किया है. उन्होंने कहा कि साल 2013 में किए गए 165 वादों में से हम लोगों ने 158 वादे पूरे किए थे और साल 2023 में हमने 550 से ज्यादा वादे किए थे. उन्होंने कहा कि इन वादों में से हमने लगभग 300 वादों को पूरा कर दिया है. उन्होंने कहा कि नई सरकार को मेरा पूरा समर्थन रहेगा.
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