आगरा में इस बार बकरीद के त्योहार पर अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है. इस बार की बकरीद पर भाईचारा देखने को मिल रहा है. दरअसल, ताजमहल की शाही मस्जिद पर बड़ी संख्या में नमाजी पहुंच गए है. सभी अमन और शांति की मांग कर रहे हैं. साथ ही मुस्लिम महापंचायत द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जा रही है. नमाज के बाद का नजारा वहां पर अलग ही देखने को मिल रहा था. बड़ी सख्या में मुस्लिम, नमाज के बाद में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते नजर आए है.
मुसलमान भी गाय के अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकता
महापंचायत के सरपंच का कहना हैं कि इस्लाम हमेशा से भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता आया है. हम मुसलमान भी गाय के अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. आगरा में हमेशा से हिंदू-मुस्लिम में एकता की मिसाल देखने को मिली है. इस पहल का मकसद समाज में आपसी विश्वास को मजबूत करने का है. मुसलमान समाज में नफरत फैलाने वालों से हमेशा से बचते आया है.
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें
बड़ी संख्या में मुस्लिम हाथों में गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए वाले पोस्टर और तख्तियां लेकर दिखाई दिए हैं. महापंचायत के पदाधिकारी अमजल कुरैशी और सरपंच नदीम नूर ने इस मांग के दौरान में पैगाम दिया था. प्रदर्शन करने वालों का कहना हैं कि गाय देश के करोड़ों लोगों की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है. इसी वजह से वह ऐसा कर रहे हैं. वह उनके सम्मान को सुनिश्चित करना चाहते हैं. नदीम नूर ने इस दौरान बोला कि देश में गायों के साथ में हो रहे अत्याचार पर सरकार को एक्शन लेना चाहिए.
तीन घंटे तक निशुल्क प्रवेश
ताजमहल में आज ईद-उल-अजहा के मौके पर तीन घंटे तक नमाजियों और पर्यटकों के प्रवेश को निशुल्क रखा गया. 7 बजे से लेकर 10 बजे तक टिकट विंडो बद रही. बड़ी सख्या में पर्यटक वहां पहुंचे. साथ ही किसी भी तरीके की दिक्कत न हो इसी कारण से प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आई.
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