Dehradun police operation prahaar: देहरादून में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार शुरू किया है, जिसके तहत सड़कों पर पुलिस गश्त बढ़ाने और संदिग्धों की कड़ी जांच-पड़ताल के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री धामी के कड़े रुख के बाद डीजीपी ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

Dehradun police operation prahaar: देहरादून में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है. इस मामले को पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद अब पुलिस अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने जा रही है. इसी के तहत उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार शुरू करने का फैसला किया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत करना और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना है. पुलिस का कहना है कि इस अभियान के जरिए अपराधियों पर दबाव बनाया जाएगा और लोगों को सुरक्षित माहौल दिया जाएगा.
मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता दीपम सेठ ने की. बैठक में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. डीजीपी ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने आईजी गढ़वाल, एसएसपी देहरादून और एसटीएफ के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जाए और शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए.
डीजीपी ने कहा कि शहर की सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी साफ दिखाई देनी चाहिए. इसके लिए सुबह के समय होने वाली पेट्रोलिंग को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही शहर के संवेदनशील इलाकों और अपराध प्रभावित क्षेत्रों में बैरियर लगाकर सघन चेकिंग की जाएगी. पुलिस का मानना है कि लगातार गश्त और जांच से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी और कई घटनाओं को पहले ही रोका जा सकेगा.
नई व्यवस्था के तहत अब क्षेत्राधिकारी यानी सीओ और थाना प्रभारी को भी खुद फील्ड में उतरना होगा. उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी. इस कदम का मकसद पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय बनाना है. साथ ही आईजी गढ़वाल को राजधानी की कानून व्यवस्था की रोजाना रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा एसटीएफ और स्थानीय पुलिस को सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
अभियान के तहत संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए किरायेदारों, पीजी और होम-स्टे का गहन सत्यापन कराया जाएगा. इसके साथ ही तय समय के बाद खुले रहने वाले बार और पब के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी. डीजीपी ने साफ कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी उनके काम के आधार पर तय की जाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. साथ ही अपराधियों के मन में पुलिस का डर होना भी उतना ही जरूरी है.
