एक बार फिर एक नाबालिग बच्ची हैवानियत का शिकार हो गई है. माता-पिता के सामने आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया और उसके साथ दरिदंगी कर बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, गिरफ्तारी के बाद में आरोपी ने ऐसा बयान दिया कि पूरा थाना हैरान रह गया. साथ ही आरोपी ने जांच के दौरान में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी गांजे के नशे में था. 22 जून की रात में महरौली के छतरपुर मेट्रो स्टेशन पर लड़की अपने माता-पिता के साथ में सो रही है. माता-पिता दिहाड़ी मजदूर है. पिता ने बताया कि परिवार के पास सफेद हैचबैक कार काफी देर से खड़ी थी. हालांकि, उन्हें इसका आभास ही नहीं हुआ कि कार चालक उनकी बेटी का अपहरण करने का मौका ढूंढ रहा है.
मौका पाते ही वह बच्ची को जबदस्ती कार में बैठाकर फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर की सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ रेप किया. दुष्कर्म करने के बाद में आरोपी ने कपड़े के टुकड़े से उसका गला घोंटा और पत्थर से सीने को बुरी तरीके से कुचल दिया. सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने पत्थरों से शव को ढकने की कोशिश की.
अपहरण करने के बाद में नाबालिग के पिता की आंख खुली. उठने के बाद उन्होंने अपनी बेटी को गायब पाया. साथ ही कार को तेज स्पीड से जाते हुए भी देखा था. माता-पिता ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी. माता-पिता की तहरीर पर बड़े स्तर पर तालाशी अभियान चलाया. पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसके बाद बाशु कुमार सिंह को गतिविधि को ट्रेक कर गिरफ्तार किया गया. 11 बजे के करीब में पुलिस को पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में बाशु सिंह की लोकेशन मिली. वह कैब ड्राइवर है. रेप करने के बाद में आरोपी ने एक पिकअप लेकर ड्रॉप भी किया था.
व्यवहार जान हैरान हुए पुलिसकर्मी
आरोपी कैब ड्राइवर पर POCSO की धारा 6 के तहत आत्महत्या और हत्या का मामला दर्ज किया गया है. FSL की टीम ने कार से बायोलॉजिकल और मटीरियल सैंपल लिए है. पूछताछ के दौरान में आरोपी का व्यवहार बिल्कुल आम आदमी की तरह सामान्य था. उसके चेहरे पर किसी भी तरीके का खौफ या पछतावा वहीं दिखाई दिया. उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है. शारीरिक गतिविधियों से ऐसा लग रहा था, मानो जैसे पहले भी कई अपराध कर रखे हो.
इसी शक में पुलिस ने आरोपी के पुराने रिकार्ड खंगाले. कैब ड्राइवर की पहचान बिहार निवासी 29 वर्षीय बाशु कुमार सिंह के रूप में की गई है. उसकी शादी हो रखी है और दो बच्चे भी है. आरोपी के पारिवारिक सदस्यों ने उसका व्यवहार आक्रामक बताया है. आरोपी के आपराधिक रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि पहले से उस पर बिहार में 5 केस दर्ज है, जिनमें से 2 हत्या के प्रयास के हैं.
पुलिस ने बच्ची का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया है. कार में किसी और व्यक्ति के इस दुष्कर्म में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं. बच्ची का परिवार फांसी की सजा की डिमांड कर रहा है. आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, पुलिस ने उसका एनकाउंटर किया, जिससे उसके पैर में गोली लगी. 20 टीमों ने 6 घंटे के भीतर अपराधी को पकड़ लिया.
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