Delhi janakpuri biker death: जनकपुरी में खुले और बिना सुरक्षा इंतजाम वाले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बाइक सवार की मौत हो गई, मामले में साइट के सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया गया है और तीन DJB इंजीनियर सस्पेंड किए गए हैं. सरकार ने सभी जल बोर्ड निर्माण स्थलों की जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की तैयारी है.

Delhi janakpuri biker death: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसे में 25 साल के बाइक सवार की जान चली गई. यह हादसा दिल्ली जल बोर्ड की निर्माण साइट पर खुले छोड़े गए गड्ढे की वजह से हुआ. एफआईआर में साफ कहा गया है कि घटनास्थल पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड था. न बैरिकेड लगाए गए थे. न ही वहां रोशनी की व्यवस्था थी. किसी तरह का सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं था. सड़क के बीचोबीच करीब 15 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा खुला छोड़ा गया था. इसी गड्ढे में बाइक सवार गिर गया. पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान कमल ध्यानी के रूप में हुई है. वह पालम कॉलोनी का रहने वाला था. उसका पिता का नाम नरेश चंद ध्यानी है. हादसा 5 फरवरी की देर रात हुआ था. अगली सुबह करीब 8 बजे पुलिस को पीसीआर कॉल मिली. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरी घटना का खुलासा हुआ है.
एफआईआर में कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड और उससे जुड़े ठेकेदारों को यह पता था कि अगर सड़क पर बिना सुरक्षा व्यवस्था के गड्ढा छोड़ा गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है. इसके बावजूद जरूरी इंतजाम नहीं किए गए. इस मामले में जनकपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि एक महिला ने पीसीआर कॉल कर सूचना दी थी कि एक बाइक सवार गड्ढे में गिर गया है और उसे तुरंत मदद चाहिए. जब पुलिस वहां पहुंची तो एक युवक अपनी मोटरसाइकिल के साथ गड्ढे में पड़ा मिला. गड्ढा करीब 20 फीट लंबा. 13 फीट चौड़ा और लगभग 14 फीट गहरा था. घायल को फायर ब्रिगेड की मदद से बाहर निकाला गया और पीसीआर वैन से दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि युवक को बेहोशी की हालत में सड़क किनारे से लाया गया था. वह किसी भी तरह से प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था. उसके पेट के ऊपरी हिस्से में खरोंच के निशान पाए गए. डॉक्टरों ने उसे अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया. जांच में यह भी सामने आया है कि जिस गड्ढे में युवक गिरा था. वहां कोई रिफ्लेक्टर. बैरिकेड. चेतावनी बोर्ड या लाइट नहीं लगी थी. पुलिस ने इस मामले में साइट के सब कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि उसे हादसे की जानकारी पहले ही मिल गई थी. इसके बावजूद उसने कोई कदम नहीं उठाया.
पुलिस के मुताबिक साइट पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने उसी रात एक जूनियर स्टाफ को बताया था कि एक व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है. इसके बाद रात करीब 12 बजकर 22 मिनट पर जूनियर स्टाफ ने राजेश प्रजापति को फोन कर मौके पर बुलाया था. अधिकारी बताते हैं कि प्रजापति साइट पर आया भी था. उसने गड्ढे के अंदर एक मोटरसाइकिल देखी थी. लेकिन उसने न तो अंदर जाकर किसी को देखने की कोशिश की. न ही पुलिस या एंबुलेंस को सूचना दी. इसी लापरवाही को गंभीर माना गया है.

इस मामले पर दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि इस हादसे से हुआ नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता. मुख्यमंत्री खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. सरकार ने लापरवाही के आरोप में दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है. उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है. सरकार ने सभी चल रही जल बोर्ड साइटों का तुरंत निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं. सड़क की मरम्मत और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम को लगाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक पीड़ित परिवार को जल्द 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा सकता है. परिवार ने भी दिल्ली जल बोर्ड पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है.
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