delhi ncr weather: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू के बीच मौसम बदलने के संकेत मिले हैं. पश्चिमी विक्षोभ के असर से आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश और आंधी के साथ तापमान में गिरावट हो सकती है.

delhi ncr weather: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के लोगों को जल्द भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है. पिछले कई दिनों से लोग तेज धूप और लू से परेशान हैं. कई शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. अब मौसम विभाग की नई सैटेलाइट तस्वीरों ने राहत की उम्मीद बढ़ा दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ तेजी से उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है. इसके असर से कई इलाकों में बारिश और तेज आंधी आने की संभावना बन गई है.
आईएमडी की तरफ से जारी इंसैट-3डीएस सैटेलाइट तस्वीरों में बड़े पैमाने पर बादल दिखाई दिए हैं. तस्वीरों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर घने बादलों का बड़ा समूह नजर आ रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम धीरे-धीरे हिमालयी इलाकों और उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है. इसके कारण आने वाले दिनों में मौसम बदल सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम अरब सागर से आने वाली नमी के साथ मिलकर तेज बारिश और तूफान की स्थिति बना सकता है.
पिछले कुछ दिनों में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाके ‘हीट ट्रैप’ जैसे हालात से गुजर रहे हैं. दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी काफी ज्यादा बना हुआ है. लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही. मौसम विभाग का कहना है कि लगातार गर्म रातें सेहत के लिए खतरनाक होती हैं. इससे शरीर को आराम नहीं मिल पाता और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर भी लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी और ओले गिरने की भी संभावना है. खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं. बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है. इससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश गर्मी को पूरी तरह खत्म नहीं करेगी, लेकिन राहत जरूर देगी. साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी बादलों की गतिविधि बढ़ रही है. इसे मानसून के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि धीरे-धीरे मानसून आगे बढ़ने की स्थिति बन रही है. हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से अब गर्मी और हीटवेव पहले से ज्यादा खतरनाक और लंबी होती जा रही है.
