सीजेपी और सरकार की बैठक से साफ संकेत मिला है कि धमेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे. सूत्रों के अनुसार, सरकार का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे. वह प्रदर्शनकारी और पार्टियों की इस मांग को स्वीकार नहीं करेंगे. सरकार इसको समस्या का समाधान नहीं मानती है. हालांकि, सरकार के इस कदम से प्रदर्शन के और बढ़ने की संभावना दिखाई दे रही है.
बता दें कि सरकार और सीजेपी के प्रवक्ताओं की हुई बैठक में तीन शर्तें रखी गई थी. दरअसल, यह बैठक केंद्रीय मंत्री जे.पी नड्डा और जितेंन्द्र सिंह की सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ में हुई थी. पार्टी की मांग थी कि प्रदर्शनकारियों पर 20 जुलाई के दिन मार्च के दौरान हुए एफआईआर को वापस लिया जाए. साथ ही पेपर लीक होने के बाद में जितने भी बच्चों ने आत्महत्य़ा की है, उनके माता-पिता को मुआवजा दिया जाए. पार्टी की मांग है कि यह मुआवजा 1 करोड़ हो. हालांकि, अभी तक सरकार ने इसको लेकर कोई सटीक जानकारी नहीं दी है.
धर्मेंद्र प्रधान नहीं देंगे इस्तीफे
हालांकि, पार्टी की गैर समझौतावादी मांग को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है. सूत्रों से पता चला है कि सरकार एनटीए की कमियों पर ध्यान देगी. साथ ही शिक्षा सुधार पर ध्यान देगी, लेकिन मंत्री का इस्तीफा दे देना इसका समाधान नहीं है. इसी कारण से सरकार ने इस मांग के लिए पार्टी से कल तक का समय मांगा है. कल 25 जुलाई शनिवार के दिन दोनों के बीच में दोबारा से बैठक होने की संभावना है.
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग के कारण ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं. ऐसे में सूत्रों के हवाले से आई खबरों से लग रहा है कि शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देने वाले हैं. लेकिन सबसे अहम बात न मानने पर प्रदर्शन क्या रूख लेता है. अब कल ही पता चल पाएगा.
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