इस समय उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है. प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. जिससे प्रदेश की राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. धनंजय सिंह के खिलाफ यह FIR सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज की गई है.
पूरा मामला सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में मौजूद स्वस्तिका सिटी कॉलोनी का है. ऐसा आरोप है कि कॉलोनी के अंदर लगभग 20 फीट चौड़े रास्ते के ऊपर कब्जा करके वहां पर दीवार खड़ी कर दी गई. जिसको लेकर कॉलोनी में रहने वाले लोगों और आरोपियों के बीच में विवाद हो गया. इस विवाद के बाद में कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत भी की और मामले को गंभीरता से भी लिया गया. इसी प्रकरण में सुशांत गोल्फ सिटी थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह को पुलिस कमिश्नर द्वारा लाइन हाजिर भी किया गया.
सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज हुई FIR
पुलिस ने कौशल तिवारी की तहरीर के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में FIR दर्ज की है. FIR के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख मांडवी सिंह के पति विनय सिंह अपने आप को उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद धनंजय सिंह का करीबी और रिश्तेदार बताकर कॉलोनी में रहने वाले नागरिकों को डराता था. ऐसा आरोप है कि जब यह घटना हुई तो ब्लॉक प्रमुख विनय सिंह फोन पर धनंजय सिंह से बात भी करवा रहा था और धमकी भी दिलवा रहा था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल यह पूरा मामला एक 4,500 स्क्वायर फीट में बने मकान और पीछे के रास्ते का है. आरोप है कि इसके ऊपर व्लॉक प्रमुख के पति विनय सिंह कब्जा कर रहे थे. ऐसा आरोप है कि जब स्थानीय जनता ने इसका विरोध किया तो जनता के साथ मारपीट की गई और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को फोन मिलाया गया. वहीं यह आरोप भी है कि एक पीड़ित रामू पुत्र मैकु लाल को जातिसूचक शब्दों इस्तेमाल करके मारपीट की गई.
धनंजय सिंह के साथ 10 लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस ने इस पूरे मामले में FIR दर्ज करते हुए कई लोगों को घेरे में लिया है. पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के साथ में विनय सिंह और सरकारी गनर के साथ में 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. इस पूरे मामले में इन सभी लोगों के खिलाफ SC-ST एक्ट के साथ 191(2),191(3)190,115(2),352,351(3) 127(1),131,74,3(1)D ,3(1) जैसी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है.
कौन हैं धनंजय सिंह?

धनंजय सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर के एक चर्चित राजनेता हैं. इनका जन्म तो साल 1975 में कोलकाता में हुआ था, लेकिन उत्तर प्रदेश के जौनपुर से इनका खास कनेक्शन है. इनकी राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2002 से हुई थी. जब वे जौनपुर की रारी (वर्तमान में मल्हानी) विधानसभी से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधायक चुने गए. जिसके बाद वे साल 2002 से 2009 तक विधायक रहे हैं. धनंजय सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.
साल 1990 के दशक से इनके ऊपर आपराधिक मामलों का सिलसिला शुरू हो गया था. धनंजय सिंह के नाम के ऊपर लगभग 41 से ज्यादा की संख्या में क्रिमिनल केस दर्ज हैं, जिनमें से 10 अभी भी पेंडिंग में हैं. बाकी के मामलों में वे बरी हो गए या फिर गवाह पीछे हट गए.
साल 1992 में धनंजय सिंह के ऊपर एक मर्डर का आरोप लगा, जिसके बाद साल 2011 में एक डबल मर्डर का आरोप लगा और गिरफ्तार हुए. साल 2002 में एक शूटआउट केस में भी इनका नाम सामने आया, लेकिन हाईकोर्ट ने अपील खारिज कर दी थी. साल 2025 में अजीत सिंह मर्डर में भी धनंजसिंह का नाम सामने आया था. साल 2020 में धनंजय सिंह के खिलाफ अपहरण और रंगदारी का मामला दर्ज हुआ, जिसके बाद साल 2024 में MP-MLA कोर्ट ने उन्हें 7 साल की सजा सुनाई. हत्या और अपहरण के साथ धनंजय सिंह के ऊपर कई आरोप हैं और कई मामले भी दर्ज हैं. अब लखनऊ में भी धनंजय सिंह के खिलाफ जमीन कब्जे और SC/ST एक्ट के उल्लंघन के मामले में FIR दर्ज हुई है
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