मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है. अब फ्रांस ने इसे खोलने को लेकर 35 देशों के साथ बातचीत की है. फ्रांस के इस मिशन में ब्रिटेन भी उसका साथ दे रहा है.
ईरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग को लेकर दुनिया के कई देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं. अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ऊपर हमले कर रहे हैं. इसी बीच ईरान ने पूरी दुनिया की चिंताओं को बढ़ाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया. जिसके बाद दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति की समस्याएं होने लगीं. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हमले करने शुरू कर दिए.
होर्मुज से गुजरता है कई देशों का तेल
आपको बता दें कि दुनिया में जितना भी तेल सप्लाई होता है, उसमें से पांचवां हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. कुवैत, साऊदी अरब और इराक जैसे देशों का तेल इसी होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होकर गुजरता है. इस रास्ते के बंद होने के कारण दुनिया के कई देशों में काफी असर पड़ा है. मिडिल ईस्ट में चल रही जंग में फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी सीधे तौर पर हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
फ्रांस ने की 35 देशों से बातचीत
जंग में फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी सीधे तौर पर हिस्सा नहीं ले रहे हैं, लेकिन वे देश शांत भी नहीं बैठे हुए हैं. इसी बीच फ्रांस ने एक बड़ी पहल की है. गुरुवार को फ्रांस की सेना के सबसे बड़े अधिकारी ने एक साथ लगभग 35 देशों के साथ बात की है. फ्रांस के अधिकारी ने इन देशों से यु्द्ध को रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए बातचीत की है.
भारतीय नौसेना अधिकारियों से भी हुई बात
फ्रांस का कहना है कि इस मिशन को किसी भी देश पर हमला करने के लिए शुरू नहीं किया गया है. इस मिशन का उद्देश्य है कि जहाज सुरक्षित तरीके से रास्ते से गुजर सकें. फ्रांस के राष्ट्रपति मैंक्रो का भी यही कहना है कि यह तभी मुमकिन हो पाएगा, जब ईरान भी राजी हो और संयुक्त राष्ट्र (UN) भी इसे मंजूरी दे दे. इस मिशन में ब्रिटेन भी फ्रांस का साथ दे रहा है. इसी के साथ फ्रांसीसी नौसेना के प्रमुख ने जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली और भारत की नौसेना अधिकारियों से भी अलग से बात की है.
