हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank घोटाले की जांच को लेकर CBI को मामले में 5 IAS अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए भी मंजूरी दे दी है. अब CBI इन अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है.

CBI को हरियाणा सरकार की परमिशन
हरियाणा के IDFC First Bank घोटाले की जांच में नया मोड़ आया है. हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच के मामले में 5 IAS अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए CBI को मंजूरी दे दी है. आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 17A के तहत जांच की परमिशन दी है.
अधिकारियों को बुला सकती CBI
आपको बता दें कि अब इस मामले में CBI संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करके उनकी भूमिका की जांच कर सकेगी. आपको बता दें कि अब CBI इन अधिकारियों को पूछताछ के लिए भी बुला सकती है. CBI ने आरोपियों की जांच और खुलासे में सामने आए तथ्यों के आधार पर IAS अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की परमिशन मांगी थी. जिसके बाद अब एजेंसी उन प्रशासनिक मंजूरियों की भी पड़ताल करेगी, जिनके जरिए सरकारी विभागों के पैसे निजी बैंकों में जमा कराए गए थे.
कई जगहों पर की थी छापेमारी
इस बैंक घोटाले को लेकर CBI ने बीते गुरुवार को चंडीगढ़ और पंचकुला में कई जगहों पर छापेमारी भी की थी. इस छापेमारी के दौरान धोखाधड़ी से जुड़े हुए रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को जब्त किया गया था. आपको बता दें कि IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी धन के गबन को लेकर साजिश रची थी.
16 आरोपियों की हो चुकी गिरफ्तारी
आरोप है कि फर्जी तरीके से सरकारी पैसों का गबन किया गया. इस मामले को लेकर अभी तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मामले में लगातार जांच एजेंसियां बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही हैं. ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनो में कई और बड़े खुलासे भी हो सकते हैं. इस मामले में अब हरियाणा सरकार ने CBI को संबंधित IAS अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए भी मंजूरी दे दी है.
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