india iran oil trade: वैश्विक तनाव के बीच भारत ने ईरान से कच्चे तेल की खरीद के लिए रुपये में भुगतान का रास्ता चुना है, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी और भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. अमेरिका द्वारा दी गई सीमित समय की छूट का फायदा उठाते हुए भारतीय रिफाइनरियां सुरक्षित बैंकिंग चैनलों के ज़रिए यह रणनीतिक सौदा कर रही हैं.

india iran oil trade: जंग के माहौल के बीच भारत को कच्चे तेल के कारोबार में एक खास फायदा मिल रहा है. खबर है कि भारतीय रिफाइनरियां ईरान से कच्चा तेल खरीद रही हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस खरीद का भुगतान डॉलर में नहीं किया जा रहा. भारत ज्यादातर पेमेंट भारतीय रुपये में कर रहा है. कुछ लेनदेन तीसरे देशों के जरिए भी हो रहे हैं. इस वजह से भारत को कीमत और भुगतान दोनों में राहत मिल रही है.
दरअसल, हाल के दिनों में जंग के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. इसी बीच अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में 30 दिनों की छूट दी है. यह छूट खास तौर पर समुद्र में मौजूद ईरानी तेल के लिए दी गई है. इस फैसले के बाद भारत समेत कई देशों ने ईरान से तेल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. भारत ने भी कुछ खेप मंगाई हैं. इनमें से ज्यादातर का भुगतान रुपये में किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे सिस्टम में अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल हो रहा है. इसमें स्थानीय मुद्रा में भुगतान, व्यापार समायोजन और ऑफशोर रूट शामिल हैं. एक अधिकारी ने बताया कि भारत ईरान के साथ रुपये में लेनदेन कर रहा है. वहीं कुछ पेमेंट तीसरे देश के जरिए पूरे किए जा रहे हैं. दूसरे अधिकारी ने कहा कि यह भुगतान एक बैंक के माध्यम से हो रहा है. इससे लेनदेन को सुरक्षित और आसान बनाया जा रहा है.
इस व्यवस्था में वोस्त्रो अकाउंट की बड़ी भूमिका है. इसके तहत विदेशी संस्थाएं भारत में अपना खाता खोल सकती हैं. इससे रुपये में ही भुगतान का निपटान हो जाता है. इस पैसे का इस्तेमाल ईरान भारत से सामान खरीदने में कर सकता है. जैसे बासमती चावल, चाय और दूसरी चीजें. इससे दोनों देशों को फायदा होता है. एक तरफ भारत को सस्ता तेल मिलता है. दूसरी तरफ भारत का निर्यात भी बढ़ता है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि ईरान के कई बैंक SWIFT सिस्टम से बाहर हैं. इसी वजह से बड़े भारतीय बैंक सीधे इस लेनदेन में शामिल होने से बचते हैं. जोखिम कम करने के लिए छोटे या कम एक्सपोजर वाले बैंकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. कुछ ट्रांजैक्शन ऐसे देशों के जरिए हो रहे हैं जहां भारतीय बैंकों की शाखाएं मौजूद हैं. हालांकि, अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. जानकारी के मुताबिक, भारत ईरान से तेल की खरीद फिलहाल सीमित मात्रा में और स्पॉट डील के जरिए कर रहा है.
