India us trade deal 2026: भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के तहत भारत में अखरोट, पिस्ता, सोयाबीन तेल, वाइन और पशु-चारे जैसे कई अमेरिकी उत्पाद सस्ते हो सकते हैं. वहीं अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर भारत के लिए बड़ा बाजार खोल दिया है, जबकि कृषि और डेयरी सेक्टर को डील से बाहर रखा गया है.

India us trade deal 2026: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का ढांचा तैयार हो गया है. इसे शुक्रवार देर रात सार्वजनिक किया गया है. इस समझौते में दोनों देशों ने कई उत्पादों पर आयात शुल्क यानी टैरिफ घटाने या खत्म करने का फैसला किया है. शनिवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत से जाने वाले कई सामानों पर टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर करीब 18 फीसदी कर दिया है. इससे भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए करीब 30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाजार खुल गया है. कई भारतीय उत्पाद अब अमेरिका में शून्य टैरिफ पर बिक सकेंगे. वहीं भारत भी कुछ अमेरिकी सामानों पर टैरिफ घटा रहा है. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.
इस ट्रेड डील के बाद भारत में आने वाले कई अमेरिकी फूड और कृषि उत्पाद सस्ते हो सकते हैं. सरकार ने जिन चीजों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने का फैसला किया है. उनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन यानी डीडीजीज, लाल ज्वार, अखरोट और पिस्ता जैसे ट्री नट्स, सोयाबीन तेल, ताजे और प्रोसेस्ड फल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं. इन उत्पादों पर आयात शुल्क कम होने से कंपनियों की लागत घटेगी. इसका फायदा बाजार में कीमतों पर दिख सकता है. खास तौर पर ड्राई फ्रूट और खाने के तेल की कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
अखरोट और पिस्ता जैसे नट्स और स्नैक्स अब कम इंपोर्ट ड्यूटी पर भारत आएंगे. इससे रिटेल बाजार में इनके दाम नीचे आ सकते हैं. इसी तरह अमेरिका से आने वाली वाइन और प्रीमियम शराब पर भी टैरिफ में कटौती की गई है. इसका मतलब है कि भारत में मिलने वाली विदेशी वाइन और हाई एंड स्पिरिट्स की कीमत थोड़ी सस्ती हो सकती है. हालांकि कीमत कितनी घटेगी. यह पूरी तरह बाजार और टैक्स संरचना पर निर्भर करेगा. फिर भी ग्राहकों को पहले के मुकाबले कुछ राहत मिल सकती है.
इस डील का असर पशु चारे पर भी पड़ेगा. डीडीजीज और रेड सॉरघम जैसे उत्पाद पशुओं के चारे में इस्तेमाल होते हैं. इन पर टैरिफ घटने से भारत में इनकी लागत कम हो सकती है. इससे डेयरी और पशुपालन से जुड़े कारोबार को राहत मिलने की संभावना है. इसके अलावा भारत अमेरिका से कई औद्योगिक और तकनीकी सामान भी आयात करेगा. इसमें ऊर्जा से जुड़े उपकरण, एयरक्राफ्ट और उनके पार्ट्स, टेक्नोलॉजी पार्ट्स, कीमती धातुएं और कोकिंग कोल जैसे उत्पाद शामिल हैं. इन क्षेत्रों में भी कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.
हालांकि इस ट्रेड डील से कुछ अहम सेक्टरों को पूरी तरह बाहर रखा गया है. भारत के मुख्य कृषि उत्पादों को इस समझौते में शामिल नहीं किया गया है. यानी इन पर किसी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है. इसके साथ ही डेयरी सेक्टर को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. दूध और उससे जुड़े किसी भी उत्पाद पर इस डील के तहत कोई रियायत नहीं मिलेगी. सरकार का मानना है कि इससे घरेलू किसानों और डेयरी उद्योग को नुकसान से बचाया जा सकेगा. कुल मिलाकर यह समझौता कुछ अमेरिकी सामानों को भारत में सस्ता बनाएगा. साथ ही भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में व्यापार के नए रास्ते खोलेगा.
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