ayatollah khamenei family death succession: ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसमें अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे आगे चल रहा है. हालिया हमलों में खामेनेई के परिवार के कई सदस्यों की मौत के बाद मोजतबा को सैन्य और धार्मिक दोनों गुटों का समर्थन मिलने की संभावना है.

ayatollah khamenei family death succession: ईरान की राजनीति में इस समय भारी हलचल देखी जा रही है. देश के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद नए सुप्रीम लीडर को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक अब नए नेतृत्व का चयन लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है. यह प्रक्रिया ईरान की एक विशेष संस्था Assembly of Experts के माध्यम से पूरी की जाती है. यही संस्था तय करती है कि देश का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा. मौजूदा हालात इसलिए भी संवेदनशील माने जा रहे हैं क्योंकि देश इस समय युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है. इसी बीच सत्ता परिवर्तन को लेकर अंदरखाने बैठकों का दौर लगातार जारी है. राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं.
खामेनेई की मौत के बाद फिलहाल देश की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से अलीरेजा अराफी को सौंपी गई है. उन्हें कार्यकारी सुप्रीम लीडर बनाया गया है. लेकिन यह व्यवस्था स्थायी नहीं मानी जा रही है. ईरानी सत्ता तंत्र के भीतर अब असली चर्चा नए स्थायी सुप्रीम लीडर को लेकर हो रही है. माना जा रहा है कि बहुत जल्द आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी. सूत्र बताते हैं कि चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. केवल अंतिम औपचारिकताओं का इंतजार है. सरकार और धार्मिक नेतृत्व दोनों स्तरों पर इस फैसले को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि हालिया अमेरिकी और इजरायली हमलों में खामेनेई के परिवार को भारी नुकसान हुआ है. खबरों के अनुसार, हमलों में उनकी पत्नी. बेटी. बहू और नातिन की भी मौत हो गई थी. हालांकि उनका बेटा मोजतबा खामेनेई इन हमलों में सुरक्षित बच गए हैं. यही वजह है कि अब सत्ता की दौड़ में उनका नाम सबसे आगे चल रहा है. राजनीतिक और धार्मिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि अब ईरान की बागडोर उन्हीं के हाथों में सौंपी जा सकती है.
इस बारे में बुधवार को सरकारी टेलीविजन से बातचीत करते हुए अयातुल्ला अहमद खातमी ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि नए सुप्रीम लीडर की पहचान बहुत जल्द कर ली जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि समिति किसी नतीजे के बेहद करीब पहुंच चुकी है. हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि देश इस समय युद्ध की स्थिति में है. इसलिए प्रक्रिया को पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. उनके बयान के बाद यह लगभग साफ माना जा रहा है कि सत्ता परिवर्तन अब केवल समय की बात रह गई है.
सूत्रों के मुताबिक मोजतबा खामेनेई इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. उन्होंने ईरान के धार्मिक शिक्षा केंद्र Qom के मदरसों में पढ़ाई की है. उनका संबंध ईरान की शक्तिशाली सुरक्षा संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps से भी बेहद करीबी बताया जाता है. यही कारण है कि उन्हें धार्मिक नेतृत्व और सैन्य तंत्र दोनों का समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है. जानकारों का कहना है कि मौजूदा हालात में Iran के लिए ऐसा नेता चुना जाना जरूरी माना जा रहा है जो सत्ता और सुरक्षा दोनों को संतुलित कर सके. इसी वजह से मोजतबा खामेनेई का नाम सबसे आगे चल रहा है.
