israel air force strikes: इजरायली वायुसेना ने ईरान के तबरीज हवाई अड्डे पर सटीक हमला कर उड़ान भरने को तैयार दो लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है. इजरायल का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान की हवाई क्षमता को कमजोर करने और अपनी आत्मरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है.

israel air force strikes: इजरायल की वायुसेना ने ईरान के पश्चिमी इलाके में बड़ा हवाई हमला किया है. यह कार्रवाई ईरान के शहर तबरीज के हवाई अड्डे पर की गई. जानकारी के अनुसार, वहां उड़ान भरने के लिए तैयार खड़े दो लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया गया. ये दोनों विमान पुराने मॉडल के थे. हमला बहुत सटीक तरीके से किया गया. दोनों विमान पूरी तरह नष्ट हो गए. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब इजरायल और ईरान के बीच पहले से ही हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस हमले को दोनों देशों के बीच चल रही टकराव की कड़ी में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है.
इजरायली सेना की ओर से कहा गया है कि यह हमला ईरान की वायुसेना की गतिविधियों को कमजोर करने के मकसद से किया गया. सेना के बयान के अनुसार, ईरान की हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और कमजोर करना भी इस कार्रवाई का उद्देश्य था. बयान में कहा गया कि ईरान से जुड़े उन सभी ढांचों पर लगातार हमला किया जा रहा है, जिनसे इजरायल के लिए खतरा पैदा हो सकता है. यह बयान इजरायली रक्षा बल की ओर से जारी किया गया. सेना ने साफ कहा कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रह सकती हैं, ताकि इजरायल की सुरक्षा पर किसी तरह का खतरा न बने.
जिन दो विमानों को नष्ट किया गया है, वे एफ फाइव और एफ फोर श्रेणी के पुराने लड़ाकू विमान बताए गए हैं. ये विमान कई दशक पहले खरीदे गए थे. वर्तमान समय के आधुनिक हवाई युद्ध में इनकी क्षमता सीमित मानी जाती है. फिर भी, इज़रायल ने इन्हें उड़ान भरने से पहले ही नष्ट कर दिया. इसका मकसद यही था कि ईरान इन विमानों का इस्तेमाल किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई में न कर सके. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास ऐसे पुराने विमानों की संख्या अब बहुत कम बची है. इसलिए हर एक विमान का नुकसान उसकी हवाई ताकत को और कमजोर करता है.
यह हमला हाल के दिनों में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हुए कई हमलों की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है. बीते कुछ दिनों में इज़रायल ने मिसाइल दागने वाले ठिकानों और हवाई सुरक्षा प्रणालियों को भी निशाना बनाया है. इज़रायल का कहना है कि यह सभी हमले पूरी तरह आत्मरक्षा के लिए किए जा रहे हैं. उसका तर्क है कि ईरान की ओर से आने वाले संभावित खतरों को पहले ही खत्म करना जरूरी है. इज़रायली वायुसेना, यानी इज़रायली वायुसेना, का कहना है कि उसका लक्ष्य ईरान की हवाई क्षमता को धीरे धीरे पूरी तरह कमजोर करना है.
ईरान की ओर से इस हमले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, इससे पहले हुए हमलों के जवाब में ईरान मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुका है. जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है. इज़रायल साफ कर चुका है कि वह ईरान से जुड़े उन सभी नेटवर्क और ढांचों पर हमला जारी रखेगा, जिनसे उसे खतरा महसूस होता है. मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है. दोनों देशों के बीच टकराव जल्द खत्म होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं.
