loc high alert pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए एलओसी पर भारतीय सेना को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है. पुंछ में लगातार देखे जा रहे पाकिस्तानी ड्रोन और आतंकी ठिकानों की एलओसी की ओर वापसी ने सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ा दिया है.

loc high alert pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारत की सीमा तक महसूस किया जा रहा है. इसी वजह से भारतीय सेना को लाइन ऑफ कंट्रोल पर पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है. हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए जवान चौबीसों घंटे तैयार हैं. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मौजूदा हालात में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है. इसलिए पूरे इलाके में निगरानी व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है.
रविवार तड़के जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाके में सीमा के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया. जवानों ने तुरंत उसे पहचान लिया. उसी समय फायरिंग की गई. ड्रोन वापस सीमा पार चला गया. बीते तीन दिनों में यह दूसरी बार है जब ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई है. इससे पहले भी कई बार ऐसे ड्रोन भारतीय सीमा की तरफ आते रहे हैं. सेना को शक है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल इलाके की निगरानी के लिए किया जा रहा है. ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमजोरी खोजी जा सके.
जनवरी महीने में भी सीमा पार से कई ड्रोन देखे गए थे. उस समय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि ये ड्रोन निगरानी के मकसद से भेजे जाते हैं. उनका उद्देश्य यह देखना होता है कि कहीं भारतीय सेना की तैनाती में कोई खाली जगह तो नहीं है. उन्होंने यह भी बताया था कि अब सीमा पर ऐसी कोई जगह नहीं बची है. जहां से आतंकियों को भेजा जा सके. सेना के अनुसार मौजूदा समय में निगरानी और जवाबी कार्रवाई की व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती अस्थिरता को लेकर दो तरह की राय सामने आ रही है. एक तरफ यह आशंका जताई जा रही है कि इसका फायदा आतंकी संगठन उठा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों में बढ़ता तनाव आतंकियों को फिर से संगठित होने का मौका दे सकता है. इससे भारत में किसी बड़ी घटना की कोशिश भी हो सकती है. वहीं कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमा पर ज्यादा उलझा रहेगा. तो भारत की तरफ उसका ध्यान कुछ हद तक कम हो सकता है. लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता.
खुफिया एजेंसियों के अनुसार पहले चलाए गए अभियानों के बाद पाकिस्तान के अंदर मौजूद कई आतंकी ठिकाने देश के भीतर की तरफ खिसका दिए गए थे. कुछ ठिकाने अफगान सीमा के पास भी बनाए गए थे. अब जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात बिगड़े हुए हैं. तो आतंकियों के फिर से एलओसी की तरफ आने की आशंका बढ़ गई है. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. सीमा पर तैनात जवानों को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
