Israel iran tension: इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान के साथ तनाव और बढ़ गया है, वहीं अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ने हालात को और गंभीर बना दिया है. मानवाधिकार आरोपों, अमेरिकी दबाव और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों के बीच मिडिल ईस्ट में बड़े टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.

Israel iran tension: इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने इजरायल पर हमला करने की गलती की, तो उसे ऐसे जवाब का सामना करना पड़ेगा, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा. नेतन्याहू ने यह बात इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करते हुए कही. उनके बयान से साफ है कि इजरायल इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद करीब से नजर बनाए हुए है.
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोई नहीं जानता कि ईरान का भविष्य क्या होगा, लेकिन यह तय है कि हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे. उनका इशारा इस बात की ओर था कि किसी भी बड़े टकराव की स्थिति में ईरान को गंभीर और लंबे समय तक असर झेलना पड़ सकता है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान के भीतर हाल ही में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें सरकार ने सख्ती से दबा दिया है.
इन प्रदर्शनों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. एक्टिविस्ट समूहों की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में हुई सरकारी कार्रवाई में हजारों लोगों की जान गई है. दावा किया गया है कि करीब 4 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं. वहीं 26 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. मरने वालों में प्रदर्शनकारी, सुरक्षा बलों के जवान, बच्चे और आम नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो पाई है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिका किसी भी समय ईरान के खिलाफ बड़ा कदम उठा सकता है. अमेरिका का आरोप है कि ईरान की इस्लामिक सरकार हालात को संभालने में नाकाम रही है. इसी बीच अमेरिका ने अपने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को मिडिल ईस्ट की ओर भेज दिया है. बताया जा रहा है कि यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अगले कुछ दिनों में क्षेत्र में पहुंच सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान के लिए दो सख्त शर्तें रख चुके हैं. उन्होंने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और फांसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईरान की ओर से इन शर्तों को मानने की बात कही गई है, लेकिन इसके बावजूद हालात पूरी तरह साफ नहीं हैं. फिलहाल मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसेना की तैनाती बढ़ने से तनाव और गहराता दिख रहा है. ऐसे में आने वाले दिन ईरान, इजरायल और अमेरिका के रिश्तों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.
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