Israel iran war day 18: इजरायल ने 12 घंटे में ईरान पर तीन बड़े हमले कर अली लरिजानी, घोलामरेजा सुलेमानी और आईआरजीसी नेवी मुख्यालय को निशाना बनाने का दावा किया है. ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है, जबकि युद्ध के कारण अब तक दोनों देशों और लेबनान में हजारों लोगों की जान जा चुकी है.

Israel iran war day 18: पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं. इजरायल ने दावा किया है कि उसने सिर्फ 12 घंटे के अंदर ईरान पर तीन बड़े निशाने पर किए गए हमले किए हैं. इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य ताकत और नेतृत्व को कमजोर करना बताया गया है. इजरायल की सेना इजरायल डिफेंस फोर्सेज का कहना है कि इन हमलों से ईरान की रक्षा और रणनीतिक क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है. यह घटनाएं युद्ध के 18वें दिन की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही हैं.
पहला हमला ईरान के वरिष्ठ नेता और सलाहकार अली लरिजानी पर किया गया. इजरायल का दावा है कि इस हमले में उनकी मौत हो गई. इजरायल के अनुसार, अली खामेनेई की मौत के बाद लरिजानी ने अहम भूमिका संभाल ली थी और उन्हें असली नेतृत्व करने वाला चेहरा माना जा रहा था. हालांकि ईरान ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. उल्टा, लरिजानी के नाम से एक हाथ से लिखा संदेश सामने आया है, जिसे उनके जिंदा होने का संकेत माना जा रहा है. इस संदेश में उन्होंने मारे गए नौसैनिकों को श्रद्धांजलि दी और संघर्ष जारी रखने की बात कही.
दूसरा बड़ा हमला बसिज फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी पर किया गया. इजरायल ने दावा किया कि इस हमले में उनकी मौत हो गई. बसिज फोर्स, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एक महत्वपूर्ण इकाई है. यह संगठन ईरान के अंदर सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में इसके प्रमुख को निशाना बनाना ईरान की आंतरिक व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है.
तीसरा और सबसे अहम हमला ईरान की नौसेना पर किया गया. इजरायल ने तेहरान में आईआरजीसी नेवी के मुख्यालय को निशाना बनाया. इजरायल का कहना है कि इस हमले में नौसेना का मुख्यालय पूरी तरह तबाह हो गया. यह हमला ईरान की समुद्री ताकत और कमान ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया बताया जा रहा है. इस तरह के हमले से ईरान की सैन्य रणनीति पर सीधा असर पड़ सकता है.
इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार, अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं लेबनान में भी हालात बेहद खराब हैं. वहां करीब 850 लोगों की जान गई है. लेबनान सरकार के मुताबिक, इजरायली हमलों की वजह से 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. इससे पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है.
इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राएल काट्ज ने इन हमलों को ईरान की कमान को कमजोर करने की बड़ी कार्रवाई बताया है. दूसरी ओर, ईरान लगातार इन दावों को खारिज कर रहा है और संघर्ष जारी रखने की बात कह रहा है. दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है. फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है.
