meloni suspends israel defense deal: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने लेबनान में बढ़ते मानवीय संकट और संयुक्त राष्ट्र सैनिकों पर हुए हमलों के विरोध में इजरायल के साथ अपना रक्षा समझौता निलंबित कर दिया है. 2006 से चल रहे इस समझौते के टूटने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के लिए एक बड़ी राजनीतिक और सैन्य क्षति माना जा रहा है.

meloni suspends israel defense deal: ईरान को लेकर बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच इजरायल को अपने सहयोगी देशों से झटका मिलना शुरू हो गया है. अब Giorgia Meloni की सरकार ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते को फिलहाल निलंबित कर दिया है. यह फैसला इटली की सरकार ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए लिया है. इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों का आदान-प्रदान होता था. साथ ही तकनीकी रिसर्च और रक्षा क्षेत्र में सहयोग भी शामिल था. मेलोनी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी. इस कदम को इजरायल के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है.
वेरोना शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि वर्तमान हालात को देखते हुए सरकार ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया रोक दी है. इटली की समाचार एजेंसियों ने भी इस फैसले की पुष्टि की है. सरकार का मानना है कि मौजूदा माहौल में इस समझौते को जारी रखना उचित नहीं होगा. इटली के एक कूटनीतिक सूत्र ने भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस समझौते को जारी रखना मुश्किल हो गया था. इसलिए इसे फिलहाल आगे के लिए रोक दिया गया है.
इजरायल और इटली के बीच यह रक्षा समझौता साल 2006 में हुआ था. इसकी हर पांच साल में समीक्षा की जाती थी. इस समझौते के तहत रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण, रिसर्च और डेवलपमेंट, और सूचना तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल था. यानी दोनों देश कई सैन्य और तकनीकी परियोजनाओं पर साथ काम करते थे. लेकिन पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है. यही वजह है कि इटली ने इस समझौते को आगे बढ़ाने से फिलहाल इनकार कर दिया.
तनाव बढ़ने की एक बड़ी वजह हाल ही में लेबनान में हुई एक घटना है. इटली का आरोप है कि वहां तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के काफिले पर इजरायली सेना की ओर से गोलीबारी की गई. इस घटना में सेना की एक गाड़ी को नुकसान पहुंचा. हालांकि किसी सैनिक की मौत नहीं हुई. इसके बाद इटली ने कड़ा विरोध जताया और इजरायल के राजदूत को तलब किया. जवाब में इजरायल ने भी इटली के राजदूत को बुलाया. इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani ने लेबनान में नागरिकों पर हो रहे हमलों की आलोचना की और इसे अस्वीकार्य बताया.
उन्होंने लेबनान की राजधानी बेरूत में वहां के राष्ट्रपति Joseph Aoun और विदेश मंत्री Youssef Raji से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने लेबनान के साथ इटली की एकजुटता जताई. दरअसल 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. बाद में इजरायल ने ईरान से जुड़े समूहों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया. इसमें लेबनान में सक्रिय हिज्बुल्लाह भी शामिल है. 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन का युद्धविराम हुआ. लेकिन इसके बावजूद लेबनान पर हमले जारी हैं. मार्च की शुरुआत से अब तक इन हमलों में 1,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 5,000 लोग घायल हुए हैं.
