gold silver price crash: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें $120 के ऊपर बनी रहती हैं, तो सोना $4,400 और चांदी $67 के स्तर से नीचे गिर सकती है.

gold silver price crash: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से दुनिया भर के बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट पर भी दबाव बना हुआ है. इसी बीच बाजार के जानकारों ने सोना और चांदी को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि आने वाले समय में इन कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है. इसकी बड़ी वजह मजबूत होता अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की घटती मांग बताई जा रही है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं. लेकिन इस बार हालात थोड़े अलग हैं. तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इससे महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है. महंगाई बढ़ने की उम्मीद से अमेरिकी डॉलर को सहारा मिल रहा है. यही वजह है कि सोने-चांदी की तेजी सीमित हो रही है. अगर तेल की कीमतें और ऊपर जाती हैं, तो सोने-चांदी में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है.
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव शुरू होने के बाद से सोने की कीमत में 8 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है. वहीं चांदी में 16 फीसदी से अधिक की कमजोरी आई है. दो दिन की गिरावट के बाद कॉमेक्स पर सोना थोड़ा संभला और करीब 4,800 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. मंगलवार को कॉमेक्स में चांदी लगभग 77 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी. बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है.
इस बीच अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी शुरू करने की खबर आई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने समझौते की इच्छा जताई है. वहीं रिपोर्ट के अनुसार ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने भी कहा है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांति वार्ता के लिए तैयार है. इस खबर के बाद तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं. डॉलर इंडेक्स में भी हल्की गिरावट आई. इससे सोने को कुछ सहारा मिला.
कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च से जुड़ी कायनात चैनवाला का कहना है कि अगर तेल 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है, तो महंगाई लंबे समय तक ऊंची रह सकती है. इससे ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद मजबूत होगी. डॉलर स्थिर रहेगा और सोना-चांदी पर गिरावट का दबाव बना रहेगा. ऐसे में सोना 4,400 डॉलर से नीचे जा सकता है और चांदी 67 डॉलर से नीचे फिसल सकती है. लेकिन अगर तेल 90 डॉलर से नीचे आता है, तो सोना 5,000 डॉलर के पार और चांदी 80 डॉलर से ऊपर जा सकती है.
