JP Nadda Press Conference: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी राज्यों के पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर सिलेक्टिव राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर कितनी भी लंबी चर्चा के लिए तैयार है.

JP Nadda Press Conference: पेपर लीक के मुद्दे पर देश में मचे बवाल के बीच भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर करारा हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नीयत पर सीधे सवाल उठाए. नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है. वे इस गंभीर मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहे हैं. इसके साथ ही नड्डा ने साफ किया कि मोदी सरकार संसद में इस पर लंबी बहस कराने के लिए पूरी तरह तैयार है.
‘राहुल गांधी सिर्फ अपनी पसंद का मुद्दा क्यों चुनते हैं?’
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर सिलेक्टिव राजनीति करने का बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों या केंद्र सरकार पर ही निशाना क्यों साधते हैं? नड्डा ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ से जुड़े कई राज्यों की लिस्ट सामने रखी. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी पेपर लीक और परीक्षाओं में बड़ी धांधलियां हुई हैं. लेकिन राहुल गांधी इन राज्यों का नाम लेने से बचते हैं.
‘छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी राज्यों में हुई धांधलियों से साफ पता चलता है कि राहुल गांधी की मंशा साफ नहीं है. उन्हें न तो देश की शिक्षा व्यवस्था सुधारने में कोई दिलचस्पी है और न ही वे छात्रों को न्याय दिलाना चाहते हैं. नड्डा ने कहा कि छात्रों की चिंताओं और उनके गुस्से का इस्तेमाल सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस और उसके साथी दल इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं.
‘यह आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, मिलकर समाधान का समय है’
जेपी नड्डा ने यह भी माना कि पेपर लीक देश के लिए एक बहुत ही गंभीर समस्या है. उन्होंने कहा कि यह समय ‘हमारी सरकार’ या ‘आपकी सरकार’ करके आपस में उंगली उठाने का नहीं है. यह मुद्दा करोड़ों बच्चों के भविष्य से जुड़ा है, जो किसी पार्टी के नहीं बल्कि पूरे देश का भविष्य हैं. इसलिए इस समस्या को राजनीतिक रंग देने के बजाय सभी दलों को मिलकर इसका पक्का समाधान तलाशना चाहिए.
‘संसद में जितनी लंबी चर्चा चाहें, सरकार तैयार है’
राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में जेपी नड्डा ने विपक्ष को संसद में खुली बहस की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि विपक्ष जितने घंटे चाहे, सरकार संसद में उतनी लंबी चर्चा के लिए तैयार है. चाहे 12 घंटे बहस हो या 18 घंटे, सरकार हर सवाल का जवाब देने को राजी है. नड्डा ने विपक्ष से अपील की कि वे बार-बार अपने गोलपोस्ट न बदलें और संसद में आकर सकारात्मक चर्चा करें ताकि यह पता चल सके कि पेपर लीक के पीछे असली वजह क्या है और इसे कैसे रोका जाए.
