मध्य प्रदेश के दातिया में जंगल में लगी हुई आग ने 12 घरों को अपनी चपेट में ले लिया. इस दौरान एक घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां का पूरा सामान भी जलकर खाक हो गया. लोगों का आरोप है कि मौके पर प्रशासन नहीं पहुंचा.

आदिवासी डेरा में लगी आग
मध्य प्रदेश के दातिया में जंगल में लगी आग ने 12 घरों की खुशियां खाक में मिला दीं. दातिया के वार्ड नंबर 1 में मौजूद आदिवासी डेरा में लगी भीषण आग के कारण कई परिवार की जिंदगी खाक हो गई है. जानकारी के मुताबिक जंगल में लगी हुई आग तेज हवा के कारण बस्ती तक पहुंच गई और लगभग 12 घरों को अपनी चपेट में ले लिया. बस्ती में आग काफी तेजी के साथ फैली.
12 घर पूरी तरह जलकर खाक
बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी के साथ फैली कि लोगों को यह भी मौका नहीं मिला कि वे अपने घरों में मौजूद सामान को भी बाहर निकाल पाएं. सुबह तक लगभग 12 घर पूरी तरह से जलकर खाक हो गए. सुबह के समय जब लोग अपने जले हुए मकानों के पास पहुंचे तो हर तरफ धुआं और राख दिखाई दे रही थी. इस दौरान कोई अपने डॉक्यूमेंट्स ढूंढ़ रहा था तो कोई कपड़े ढूंढ़ रहा था.
शादी का सामान और पैसे खाक
जानकारी के मुताबिक कई घरों में पिंजरों में बंद पक्षी भी आग की चपेट में आने से जिंदा जल गए. इस दौरान माया आदिवासी ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तय हो गई थी और वे सालों से थोड़ा-थोड़ा करके शादी के लिए सामान और पैसों को इकट्ठा कर रही थीं. उन्होंने बताया कि आग की चपेट में आने से सब कुछ खाक हो गया. उन्होंने बताया कि आग ने सब कुछ खत्म कर दिया.
प्रशासन पर लगे आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग जंगल में लगी थी लेकिन तेज हवा के कारण पूरे डेरा में फैल गई. लोगों ने आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन पानी और संसाधनों की कमी के कारण आग कम नहीं हुई. इस घटना के बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. लोगों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद भी डायल-112 और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची.
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