US Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका से बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन दोनों देशों के बीच चल रहा सीजफायर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.

US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा पुराना तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर आ चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा और नया दावा किया है. ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि वे ईरान के साथ आगे बातचीत करने के लिए राजी हो गए हैं. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के सामने एक चौंकाने वाला एलान भी कर दिया है. ट्रंप के मुताबिक दोनों देशों के बीच जो सीजफायर यानी युद्धविराम चल रहा था, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने इस बड़े फैसले की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके दी है और साफ कर दिया है कि अब अमेरिका पीछे नहीं हटने वाला.
सीजफायर खत्म होने का एलान, पर शर्तों को लेकर अभी भी सस्पेंस
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खुद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने खुद अमेरिका से बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ाने की गुजारिश की थी. ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के इस अनुरोध को स्वीकार भी कर लिया है. लेकिन इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को यह कड़ा संदेश दे दिया है कि दोनों देशों के बीच का सीजफायर अब खत्म हो चुका है. हालांकि ट्रंप ने अपनी इस बातचीत के तौर तरीकों या सीजफायर खत्म होने की असली वजहों को लेकर खुलकर कोई बात नहीं बताई है.
समंदर में जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने की थी ताबड़तोड़ कार्रवाई
अब सवाल यह उठता है कि अचानक दोनों देशों के बीच हालात इतने ज्यादा क्यों बिगड़ गए. दरअसल इस ताजा विवाद की असली शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक के बाद एक कई बड़े हमले किए. अमेरिका ने यह जवाबी कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद की थी. अमेरिका ने इन जहाजों पर हमले के लिए सीधे तौर पर तेहरान (ईरान) को जिम्मेदार ठहराया था. दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया था और इन्हें संदिग्ध बताया था.
संवेदनशील इलाकों में अमेरिकी ठिकानों को ईरान ने बनाया निशाना
जहाजों की लोकेशन बताने वाले डेटा के मुताबिक जिन तीन जहाजों को निशाना बनाया गया था, वे ओमान के समुद्र तट के काफी करीब से गुजर रहे थे. ईरान का हमेशा से यह दावा रहा है कि होर्मुज के रास्ते से केवल उसके तय नियमों पर चलने वाले जहाज ही सुरक्षित रह सकते हैं. अमेरिकी हमलों से भड़के ईरान ने भी चुप बैठने के बजाय जवाबी कार्रवाई की. ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर दिए. बहरीन में ही अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा मौजूद है, जिसकी वजह से यह पूरा इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है.
परमाणु बातचीत के बीच ड्रोन गिराने के दावे से बढ़ा भारी तनाव
इस पूरे मिलिट्री एक्शन के बीच ईरान की सेना यानी आईआरजीसी (IRGC) ने एक और बड़ा दावा ठोक दिया है. ईरान का कहना है कि उसने अमेरिका के एक बेहद आधुनिक एमक्यू 9 रीपर ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है. हालांकि इस ड्रोन को गिराए जाने के दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. कतर में अभी कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के अधिकारियों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर परोक्ष रूप से बातचीत हुई थी. ऐसे में ट्रंप का यह कहना कि सीजफायर खत्म हो गया है, यह साफ संकेत है कि दोनों देशों के बीच की कूटनीतिक कोशिशें अब पूरी तरह नाकाम हो चुकी हैं.
