Varanasi News: कोडीन युक्त न्यू फैंसाडिल कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में वाराणसी पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है. किंगपिन शुभम जायसवाल के कोर ग्रुप के पांच मुख्य सदस्यों को एसआईटी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने वाराणसी-मिर्जापुर सीमा से गिरफ्तार कर लिया. इनमें तीन आरोपी 25-25 हजार रुपये के इनामी थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में थे. भोरसर लिंक रोड, मिर्जापुर बाईपास पर घेराबंदी कर इन्हें दबोचा गया.
फर्जी जीएसटी बिल और ई-वे बिल से तस्करी
अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे रांची स्थित शैली ट्रेडर्स के माध्यम से फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर कोडीन युक्त न्यू फैंसाडिल कफ सिरप की बड़ी खेप मंगवाते थे. यह सिरप मेडिकल उपयोग के नाम पर मंगाकर नशे के लिए अलग-अलग राज्यों में खपाया जाता था. गिरोह के सदस्य शुभम जायसवाल के केबीएन प्लाजा स्थित ऑफिस में बैठककर पूरा प्लान तैयार करते थे. यहीं पर धन के लेनदेन, बैंक खातों में रकम जमा कराने और फर्जी फर्मों को नकद भुगतान की रणनीति बनाई जाती थी. यह स्थान पूरे सिंडिकेट का संचालन केंद्र बना हुआ था.
40 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार का खुलासा
आरोपियों ने खुलासा किया कि अब तक करीब 25 लाख बोतलों की तस्करी की गई, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार हुआ. इस पूरे नेटवर्क से करीब आठ करोड़ रुपये का सीधा मुनाफा अर्जित किया गया. पुलिस के अनुसार कुल व्यापार 150 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है.
कई राज्यों और बांग्लादेश तक फैला नेटवर्क
इस गिरोह की खेप पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा में पकड़ी जा चुकी थी. इसके बावजूद फर्जी ई-वे बिल बनाकर जवाब भेजा जाता था. आरोप है कि फर्जी फर्मों के जरिए कफ सिरप की सप्लाई बांग्लादेश तक की जाती थी. इस तरह यह नेटवर्क अंतरराज्यीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला था.
