पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू की जा चुकी है. बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. दरअसल, राज्य की 294 सीटों में से 291 पर तृणमूल कांग्रेस ने खुद चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. बाकि कि अन्य बची तीन सीटों को सहयोगी पार्टी को देने का फैसला किया गया है. ममता बनर्जी ने खुद इस बार भवानीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है, जहां पर बीजेपी की तरफ से शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा गया है. हालांकि, वह इस बार नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ रही है बल्कि शुभेंदु के करीबी को टीएमसी की तरफ से टिकट दिया गया. उनका है कि इस बार टीएमसी 226 सीटों पर अपना झंडा फहराएंगी.
ममता बनर्जी ने इस बार नो-रिपीट फॉमूले को अपनाया है. यानी की इस बार पार्टी ने नए चेहरों पर ज्यादा विश्वास जताते हुए मौजूदा 74 विधायकों का टिकट काट दिया है. दरअसल, इस नो-रिपीट वाले को सबसे पहले बीजेपी ने गुजरात में आजमाया था. बीजेपी ने गुजरात में पुराने विधायकों को हटाकर नए चेहरों मौका दिया था. इससे उन्होंने सत्ता विरोधी लहर में कमी की और लगातार सीट पर अपनी जीत के झंडे को फहराए रखा. हर साल बीजेपी यहीं करती है. एक तरीके से देखे तो बीजेपी ने इसे अपना ‘विनिंग फॉर्मूला’ बनाया है.
लोगों का कहना हैं कि ममता बनर्जी ने भी BJP के इस रुल को अपनाया है. बता दें कि टीएमसी 15 साल से सत्ता में है, जिसके कारण लोगों की नाराजगी काफी ज्यादा देखने को मिल रही है. हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जानती हैं कि स्थानीय लोगों की नाराजगी विधायकों से ज्यादा है. इसी कारण से उन्होंने इस फार्मुले को अपनाया है. उन्होंने इन सभी लोगों का टिकट काटा है, जो कि भ्रष्टाचार, घोटाले या पार्टी की छवि को खराब कर सकते हैं.
सूची में इन विधायकों का कटा नाम
- पूर्व मंत्री और कोर कमिटी के सदस्य पार्थ चटर्जी
- माणिक भट्टाचार्य
- जीवनकृष्ण साहा
- तपन दासगुप्ता
- ज्योत्सना मंडी
- मनोरंजन ब्यापारी
- तजमूल हुसैन
- मुकुटमणि अधिकारी
- सौमेन महापात्रा
- असित मजूमदार
- क्रिकेटर मनोज तिवारी की जगह राणा चटर्जी को टिकट
- बिप्लब रॉय चौधरी
- परेश पाल
- अभिनेता कंचन मलिक का नाम निजी जिंदगी एवं सोशल मीडिया विवाद के कारण काट कर कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षन्या बनर्जी को टिकट
- स्वर्णकमल साहा
- विकास रॉयचौधुरी
- विवेक गुप्ता
- अभिनेता चिरंजीत चक्रवर्ती
कई विधायकों का नाम काट उनके परिवार वालों का टिकट
दुलाल चंद्र दास का नाम काट उनके बेटे शुभाशीष दास को टिकट
स्वर्णकमल साहा का टिकट काट उनके बेटे संदीपन साहा को टिकट
सुप्ति पांडे का टिकट काट उनकी बेटी श्रेया पांडे को टिकट
निर्मल घोष का टिकट काट बेटे तीर्थंकर घोष को टिकट
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