मिडिल ईस्ट में जंग के कारण ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया. इसके चलते यहां से गुजरने वाले जहाजों में 95% की गिरावट आई है. पहले हर दिन यहां से 120 जहाज गुजरते थे, जो कि अब 18 दिनों में सिर्फ 105 रह गए हैं.
दुनिया के अहम रास्तों में से एक
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण कई देशों में इसका प्रभाव पड़ा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बाद कई देशों के व्यापार में गिरावट आई. आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है. जंग के बीच ईरान ने इस रास्ते को कई देशों के लिए बंद कर दिया है. जिसके चलते यहां से कुछ ही जहाज गुजर पा रहे हैं.
हर दिन गुजरते थे 120 जहाज
आपको बता दें कि यह रास्ता लगभग 167 किमी लंबा और संकरा है. शिपिंग उद्योग की खुफिया वेबसाइट लॉयड लिस्ट के मुताबिक आम दिनों में इस समुद्री रास्ते से हर रोज लगभग 120 जहाज गुजरते थे, लेकिन जंग के शुरू होने के बाद यहां की स्थिति पूरी तरह से बदल गई है. एनालिटिक्स फर्म ‘केप्लर’ द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 1 मार्च से 18 मार्च के बीच में इस रास्ते से सिर्फ 105 जहाज ही गुजरे हैं.
95% की आई है गिरावट
इस रास्ते पर पिछले लगभग 18 दिनों में सिर्फ 105 जहाज ही पार हुए हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि सामान्य ट्रैफिक के मुकाबले लगभग 95% की गिरावट आई है. जानकारी के मुताबिक यहां से गुजरने वाले इन 105 जहाजों में से 60 जहाज गैस और तेल टैंकर थे. इनमें से लगभग 60% टैंकर सामान लादे हुए थे. आपको बता दें कि कुल आवाजाही में से तीन-चौथाई जहाज खाड़ी से बाहर की तरफ जा रहे थे.
ज्यादातर तेल जा रहा एशिया की तरफ
यहां के गुजरने वाले जहाजों में से लगभग एक-तिहाई जहाज अमेरिका, यूरोपीय संघ या ब्रिटेन के प्रतिबंधों की लिस्ट में शामिल थे. जानकारी के मुताबिक 17 जहाज ईरान के थे. जेपी मॉर्गन बैंक की कमोडिटी विश्लेषक नताशा कानेवा ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यहां से गुजरने वाला ज्यादातर तेल एशिया की तरफ जा रहा है. हालांकि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों में 95 प्रतिशत की कमी आई है.
