ओडिशा के नामगढ़ से ‘लालच बुरी बला है’ का उदाहरण देखने को मिला है. दरअसल, यहां पर एक व्यक्ति को शहद का लालच इतना भारी पड़ गया कि जरा सी चूक उसे मौत के मुंह में धकेल सकती थी. बता दें कि युवक को बचाने के लिए करीब 8 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.
10 प्रतिशत के शहद के लालच में फंसा युवक
जानकारी के अनुसार, कनिपुड़ा गांव का रहने वाला शिव प्रधान अपने चाचा के संग में शहद निकालने के लिए गया हुआ था. पत्थर के बीच में शहद का छत्ता बना हुआ था, जिसे दोनों ने निकालना शुरू किया. लगभग 90 प्रतिशत शहद उस संकरी दरार में से निकाल लिया गया था. हालांकि, दोनों के 10 प्रतिशत के शहद के लालच ने उन्हें बड़ी मुसीबत में डाल दिया. दरअसल, चट्टान में 10 प्रतिशत शहद को निकालने के लिए शिवा प्रधान दरार के अंदर घूस गया.
शिवा के पास में बैठा था सांप
दरार में जाने के बाद में उसका सिर उस दरार में बुरी तरीके से फंस गया. चाचा ने उसे निकालने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन फिर भी उसे निकाल पाना संभव नहीं हो पाया. शिवा को निकाल पाना तब और कठिन हो गया, जब उसके पास में एक जहरीला सांप बैठा हुआ दिखाई दिया. थोड़ी सी चूक में वह जहरीला सांप शिवा को डंक मार सकता था.
8 घंटे की लगी मेहनत
कई प्रयासों के बाद भी शिवा नहीं निकला, तो मामले की जानकारी परिवार वालों और दमकल विभाग की टीम को दी गई. सूचना मिलते ही नयागढ़ और ओडगांव की टीमें मौके पर पहुंची. बचाव कार्य के दौरान में सांप और चट्टान के संकरी होने की वजह से कई परेशानियां झेलनी पड़ी. हालांकि, दमकल विभाग ने हार नहीं मानी. शिवा का हौसला बढ़ाया और करीब 8 घंटे के बाद सभी लोगों में खुशी की लहर दिखाई दी. रेस्क्यू टीम ने शिवा को 8 घंटे की मेहनत के बाद चट्टान के बीच से निकाला, जिसके बाद उसे जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिवार वालों ने रेस्क्यू टीम की मेहनत की सरहाना की.
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