बंगाल और उद्धव ठाकरे की पार्टी में बगावत के बाद अब NDA की नजर शरद पवार की पार्टी के सांसदों पर पड़ गई है. अब NDA दो तिहाई बहुमत को जुटाने में लग गया है.

शरद पवार के सांसदों पर NDA की नजर
संसद का मानसून सत्र जल्दी ही शुरू होने वाला है. सत्र के शुरू होने से पहले सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) दो तिहाई बहुमत को जुटाने में लग गया है. पहले बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों का पाला बदल हुआ, जिसके बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी के 6 सांसदों ने भी एकनाथ शिंदे की पार्टी में एंट्री ली है. अब इसके बाद NDA की नजर शिवसेना (UBT) के गठबंधन सहयोगी शरद पवार की पार्टी के सांसदों पर पहुंच गई है.
NDA के संपर्क में 8 सांसद
जानकारी के मुताबिक शरद पवार की पार्टी NCP के लोकसभा में 8 सांसद NDA के संपर्क में हैं. हालांकि इसको लेकर अभी तक कुछ भी तय नहीं हो सका है कि इन सांसदों का ठिकाना कौनसी पार्टी होगी. बताया जा रहा है कि NDA की अगुवाई करने वाली पार्टी BJP इन सांसदों को लेने के लिए तैयार नहीं है. बीजेपी ने इन सांसदों में से किसी को भी मंत्री पद देने के कयास को भी खारिज कर दिया है.
कांग्रेस में विलय की बताई जा रही वजह
माना जा रहा है कि शरद पवार की पार्टी के सांसद भविष्य में सुनेत्रा परिवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में भी एंट्री ले सकते हैं. शरद पवार की पार्टी के सांसदों की बगावत के पीछे की वजह पार्टी के कांग्रेस में विलय के कयासों को बताया जा रहा है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस में विलय की अटकलों से शरद पवार की पार्टी के सांसदों में बेचैनी हो गई है.
विकास कार्यों में मुश्किलों का सामना
NCP (SP) के कुछ सांसदों का कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों में NDA की सरकार है. ऐसे में उनको अपने क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है. अब इसी बीच चर्चा शुरू हो गई है कि शरद पवार की पार्टी के सांसदों का समर्थन NDA किस तरह से ले सकता है. अब इन सभी को लेकर संभावनाओं को तलाशा जा रहा है.
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