CBSE ने कक्षा 9वीं से लेकर 10वीं तक के छात्रों के पाठ्यक्रम में नया बदलाव किया गया है. यह नई रुपरेखा इस साल शुरू होने वाले सेशन से शुरू होगी. जुलाई से शुरू होने वाले सेशन से इसकी शुरुआत की जाएगी. यह नया नियम थ्री लैंग्वेज रूल है. बोर्ड ने इस नियम को राष्ट्रीय पाठयचर्या रूपरेखा 2023 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2023 के तहत लागू किया गया है.
क्या है यह थ्री लैंग्वेज रूल
इस नए रूल के तहत बच्चों को अब तीन भाषाओं को पढ़ाया जाएगा. इनमें दो भाषा को भारतीय भाषा होना अनिवार्य है. वहीं, तीसरी भाषा को अतिरिक्त भाषा के रूप में चुना जाएगा. इस तीसरी भाषा में विदेशी भाषा को भी लिया जा सकता है. हालांकि, बाकी दो भाषा को आप केवल तीसरे ऑप्शन के रुप में चुन सकते हैं. स्कूलों को इसके निर्देश दिए जा चुके हैं.
फिलहाल के लिए लेकिन तीसरी भाषा को पढ़ाने के लिए कक्षा 6 की किताबों का प्रयोग किया जाएगा. कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी फिलहाल के लिए देखने को मिल सकती है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए भी बोर्ड ने तैयारियां की है. बोर्ड ने इस समस्या से निपटारे के लिए ऑनलाइन क्लास, योग्य पोस्टग्रेजुएट्स और इंटर स्कूल रिसोर्स शेयरिंग की अनुमति दे दी है.
बच्चों के ऊपर से बोझ को खत्म करने के लिए फैसला
R3 के लिए बोर्ड परीक्षा नहीं होगी.
हालांकि, स्कोरबोर्ड में नंबर को दिखाया जाएगा.
किसी भी छात्र को तीसरे सब्जेक्ट में फेल होने पर एग्जाम में बैठने से रोका नहीं जाएगा.
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