नॉर्थ कोरिया में सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के चुनाव में किम जोंग उन के खिलाफ लगभग 18 हजार वोट पड़े हैं. इस चुनाव में लगभग 0.7% लोगों ने किम के खिलाफ मतदान किया है.
किम जोंग उन के खिलाफ वोटिंग
नॉर्थ कोरिया में किम जोंग उन ने 5 साल बाद सुप्रीम पीपुल्स असेंबली का चुनाव कराया है. इस चुनाव के संपन्न होने के बाद एक हैरान कर देने वाली बात सामने आई है. प्योंगयांग स्थित चुनाव समिति के मुताबिक उत्तर कोरिया में हुए इस चुनाव में किम जोंग उन की वर्कर्स पार्टी 99.93% वोट मिले हैं, लेकिन 0.7% वोट किम जोंग उन के विरोध में पड़े हैं. अगर संख्या के हिसाब से देखा जाए तो लगभग 18 हजार लोगों ने किम के खिलाफ वोट किया है.
99.99% लोगों ने किया मतदान
जानकारी के मुताबिक 687 सीटों पर चुनाव हुआ. इस दौरान 99.99% मतदान हुआ, इसके अलावा 0.0037% लोग विदेश में होने के कारण या फिर समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत होने के कारण मतदान नहीं कर पाए. वहीं इसके अलावा 0.00003% लोगों ने वोट नहीं डाले हैं. पीपुल्स कोरिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया में वोट डालना बेहद जरूरी है.
बैलिट पेपर पर होते हैं चुनाव
उत्तर कोरिया में 17 साल से ज्यादा उम्र वाला नागरिक चुनाव में वोट डाल सकता है. बताया जाता है कि नॉर्थ कोरिया में वोट न डालना राजद्रोह के समान माना जाता है. उत्तर कोरिया में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव होता है. यहां अगर किसी उम्मीदवार के विरोध में वोट डालना होता है, तो सभी के सामने ऐसा करना होता है. आपको बता दें कि उत्तर कोरिया की हर सीट पर सिर्फ एक उम्मीदवार चुनाव लड़ता है.
किम जोंग उन नहीं उतरते हैं चुनाव में
उत्तर कोरिया में एक उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में वोट डालना होता है. अगर किसी व्यक्ति को उम्मीदवार का विरोध करना होता है, तो उसे सार्वजनिक तैर पर विरोध करना जरूरी होता है. उत्तर कोरिया में स्थानीय उम्मीदवार के विरोध में वोट डाला जाता है. इस चुनाव में लगभग 0.7% वोट विरोध में पड़ा है, जो स्थानीय उम्मीदवार के खिलाफ पड़ा है. यह विरोध किम जोंग उन का नहीं है, आपको बता दें क्योंकि किम जोंग उन खुद इस चुनाव में नहीं उतरते हैं. हालांकि ये वोट उनकी पार्टी के विरोध में जरूर पड़े हैं.
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