भारत में एक समस्या लोगों के बीच सबसे ज्यादा देखने को मिलती है. दरअसल, लोगों को शिकायत रहती है कि मार्केट में एक ही दवा अलग-अलग ब्रांड की और अलग-अलग दम में मिलती है. यानी की जिस दवा की कीमत 15 रुपये हैं वह 40 रुपयें में दुकानों में बेची जाती है. ऐसे में कई लोगों के लिए दुकानों से दवा को खरीदना महँगा पड़ जाता है. वहीं, कई दवाओं का तो दाम भी तय नहीं होता है. कंपनी खुद ही उनके दाम तय कर उन्हें बेचती है.
ऐसे में सरकार की तरफ से बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल, सरकार ने 30 दवाओं के दाम को तय कर दिया है. यह ऐसी दवाएं है जो किसी-किसी बीमारी में रोजाना लेने के लिए बोली जाती है. ऐसे में सरकार के इस फैसले के बाद से दुकानदार अब इन 30 दवाओं पर एक पैसा ज्यादा नहीं ले सकता है. NPPA ने इसके आदेश 27 मई 2026 को जारी किए है. अगर कोई भी दुकानदार इन नियमों को तोड़ता है तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इन दवाओं के दाम हुए तय
Metformin और Vildagliptin की कॉम्बो टैबलेट 9.79 रुपये प्रति टैबलेट
Glimepiride और Sitagliptin की टैबलेट 10.39 से 11.91 रुपये प्रति गोली
कॉम्बो टैबलेट Dapagliflozin और Teneligliptin 10.17 रुपये प्रति टैबलेट
कॉम्बो टैबलेट Amlodipine और Bisoprolol 7.31 से 9.40 रुपये प्रति टैबलेट
Telmisartan और Cilnidipine 12.98 से 14.95 रुपये प्रति टैबलेट
Fenofibrate और Atorvastatin 18.46 रुपये प्रति टैबलेट
Vitamin D3 Oral Solution का दाम 14.91 से 15.88 रुपये प्रति ml
Vitamin D3, कैल्शियम, L-Methylfolate Calcium और Methylcobalamin 19.78 रुपये
Tacrolimus Prolonged Release Capsule 127 रुपये प्रति कैप्सूल तय की गई है. यह काफी महंगी दवा मानी जाती है.
Phenylephrine – 5.15 रुपये
Chlorpheniramine- 5.15 रुपये
Phenylephrine- 5.15 रुपये
Paracetamol – 5.15 रुपये
Montelukast – 21.22 रुपये
Bilastine – 21.22 रुपये
अगर कोई कंपनी तय दामों के अलावा टेबलेट बेच रही है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं. nppa.gov.in की साइट पर जाकर या राज्य के ड्रग कंट्रोलर में जाकर शिकायत दर्ज कर सकता है. कई बड़ी कंपनियों पर यह नियम लागू है. अधिक जानकारी के लिए सरकारी नोटिफिकेशन को पढे़ं.
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