Pawan Pandey Ayodhya SP candidate: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या सीट से पूर्व विधायक तेज नारायण उर्फ पवन पांडे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

Pawan Pandey Ayodhya SP candidate: उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अभी से अपनी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अयोध्या सीट से पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. लखनऊ में हुए एक बड़े सम्मेलन के दौरान अखिलेश यादव ने इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने दावा किया कि पवन पांडे इस बार अयोध्या से भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे. सपा के इस कदम को राम मंदिर वाले क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करने की बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
राम मंदिर वाली सीट पर सपा का बड़ा दांव
अयोध्या सीट पूरे प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक है. ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर इसी क्षेत्र में आता है. सपा ने चुनाव से काफी पहले उम्मीदवार का नाम तय करके अपने इरादे साफ कर दिए हैं. पार्टी इसके जरिए यह संदेश देना चाहती है कि वह चुनाव की तैयारी में किसी से पीछे नहीं है. अयोध्या जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से अयोध्या सीट का धार्मिक और राजनीतिक महत्व सबसे ज्यादा माना जाता है.
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था पवन पांडे का सफर
पवन पांडे कोई नया नाम नहीं हैं, बल्कि वे अयोध्या में समाजवादी पार्टी का सबसे बड़ा और पहचाना हुआ चेहरा हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1998 में छात्र राजनीति से की थी. उसी दौरान वे सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आए थे. इसके बाद साल 1999 से वे अखिलेश यादव के साथ लगातार जुड़े रहे. साल 2004 में वे लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष भी चुने गए थे. छात्र हितों के लिए लड़ते हुए उन्हें 2007 में जेल भी जाना पड़ा था.
2012 में लल्लू सिंह को हराकर चौंकाया था
पवन पांडे को सबसे बड़ी चुनावी कामयाबी साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली थी. उस समय सपा के टिकट पर लड़ते हुए उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता लल्लू सिंह को हरा दिया था. उस दौर में यह जीत पूरे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी चुनावी हलचलों में शामिल थी. साल 2012 से 2017 तक विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्र की सडकों, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जमीनी मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था.
स्थानीय मुद्दों और विवादों पर रहे हैं मुखर
अयोध्या के स्थानीय मुद्दों पर पवन पांडे हमेशा खुलकर बोलते नजर आते हैं. राम मंदिर के निर्माण, जमीन अधिग्रहण और स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं पर वे लगातार अपनी बात रखते आए हैं. हाल के समय में उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और दान पेटिका से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग भी उठाई थी. वे सरकार और प्रशासन की नीतियों के खिलाफ बेबाकी से बोलने के लिए जाने जाते हैं. उनकी इसी आक्रामक शैली की वजह से स्थानीय लोगों के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.
2027 के चुनावी मुकाबले में हलचल तेज
सपा की ओर से पवन पांडे के नाम का ऐलान होते ही अयोध्या की राजनीति में हलचल मच गई है. समय से पहले प्रत्याशी उतारने से सपा कार्यकर्ताओं को संगठन स्तर पर तैयारी करने का पूरा मौका मिल जाएगा. बेबाक छवि और जमीनी पकड़ रखने वाले पवन पांडे पर भरोसा जताकर अखिलेश यादव ने विरोधियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बाकी राजनीतिक दल अयोध्या सीट को लेकर अपनी क्या रणनीति बनाते हैं.
