Sheikh Hasina return to Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिल्ली से वर्चुअली पत्रकारों को संबोधित करते हुए इस साल दिसंबर में बांग्लादेश वापस लौटने का ऐलान किया है.

Sheikh Hasina return to Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश वापस लौटने का बड़ा फैसला किया है. सत्ता गवाने के ठीक 2 साल बाद उन्होंने ऐलान किया है कि वे इस साल दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाएंगी. भारत में रह रहीं शेख हसीना ने दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में वर्चुअल माध्यम से पत्रकारों को संबोधित किया. इस दौरान वे काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा कि उनकी किस्मत में जो भी लिखा हो, वे अपने देशवासियों के पास जरूर जाएंगी. वे सही समय आने पर वापस लौटने की पक्की तारीख का भी खुलासा करेंगी.
भावुक होकर सुनाई अपने संघर्ष की कहानी
संबोधन की शुरुआत में ही 78 साल की शेख हसीना कई बार सिसक-सिसक कर रो पड़ीं. उन्होंने बीते दौर को याद करते हुए बताया कि 1981 में भी जब वे स्वदेश लौटना चाहती थीं, तब उन्हें रोकने की कोशिश हुई थी. उसके बाद भी उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि उन पर 19 बार जानलेवा हमले हुए और 2004 का ग्रेनेड हमला भी उन्हें नहीं रोक पाया था. इसलिए अब उन्हें अपनी जान या गिरफ्तारी का बिल्कुल भी डर नहीं है.
गिरफ्तारी और सजा का नहीं है कोई खौफ
शेख हसीना को अच्छी तरह मालूम है कि देश लौटने पर उनके साथ क्या हो सकता है. उन्होंने खुद कहा कि वहां की सरकार उन्हें हिरासत में ले सकती है या जेल में डाल सकती है. बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने उनकी अनुपस्थिति में उन्हें मौत की सजा भी सुनाई है. यह फैसला 2024 के आंदोलनों के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है. इसके बावजूद हसीना ने साफ कहा कि डर उनके फैसले को बदल नहीं सकता है.
दिसंबर के महीने को चुना वापस लौटने के लिए
पूर्व पीएम ने बांग्लादेश लौटने के लिए दिसंबर का महीना चुना है. उनका मानना है कि दिसंबर बांग्लादेश के लिए हमेशा से विजय का महीना रहा है. 16 दिसंबर 1971 को ही भारत की मदद से बांग्लादेश को आजादी मिली थी. उन्होंने कहा कि वे सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र, शांति और धर्मनिरपेक्षता को फिर से कायम करने के लिए जाना चाहती हैं. वे अपने लोगों को तकलीफ में देखकर दूर नहीं रह सकती हैं.
मुश्किल समय में साथ देने के लिए भारत का आभार
अपने संबोधन के दौरान शेख हसीना ने भारत को बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद और सच्चा दोस्त बताया. उन्होंने कहा कि संकट के हर दौर में भारत उनके देश के साथ खड़ा रहा है. वहीं उनके बेटे जॉय ने भी भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि सत्ता से हटने के बाद जब हसीना भारत आईं, तो उनके साथ किसी राष्ट्राध्यक्ष जैसा ही व्यवहार किया गया. उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान दिया गया.
बांग्लादेश की राजनीति में हलचल तेज
शेख हसीना के इस ऐलान के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीति में अचानक गर्माहट आ गई है. 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ने के बाद से ही वे दिल्ली में सुरक्षा के बीच रह रही थीं. अब 2 साल बाद उनके सीधे वापस लौटने की बात से वहां की नई सरकार और राजनीतिक दलों के बीच हड़कंप मच गया है. आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दिसंबर के महीने में उनकी वापसी की क्या रूपरेखा बनती है.
