Phones cameras banned in char dham: उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत अब चारों धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन और कैमरे ले जाने पूरी तरह बैन रहेगा. रील और ब्लॉग बनाने के नाम पर धार्मिक स्थलों में बढ़ते विवादों के बीच ये फैसला लिया गया है. प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ अनावश्यक विवादों पर लगाम लगेगी, बल्कि श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ दर्शन कर सकेंगे. अप्रैल से शुरू होने वाले आगामी सीजन में इस पाबंदी को पूरी तरह लागू किया जाएगा.
केदारनाथ परिसर में फोन बैन
केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम परिसरों में भी मोबाइल फोन ले जाना बैन कर दिया गया है. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और संबंधित जिला प्रशासन धामों से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करेगा.
निर्धारित स्थानों तक ही फोटोग्राफी
नए नियमों के अनुसार, श्रद्धालु मंदिर के बाहर निर्धारित स्थानों तक ही फोटोग्राफी कर सकेंगे. बद्रीनाथ में ‘सिंह द्वार’ के आगे मोबाइल या कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी. इसी तरह के कड़े नियम केदारनाथ और अन्य धामों में भी लागू रहेंगे. प्रशासन का मानना है कि यह एक धार्मिक यात्रा है और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर के भीतर शांति और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है.
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मीडिया को बताया कि पिछले कुछ सालों में मोबाइल से रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार बार विवाद की स्थिति सामने आई, जिससे धामों की गरिमा प्रभावित होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
चार धाम यात्रा सुगम, सुरक्षित और मर्यादित
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरों की सुरक्षित जमा के लिए क्लॉकरूम की सुविधा स्थापित करने के व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा, तीर्थयात्री अपने फोन और कैमरे वहां जमा कर सकते हैं, दर्शन कर सकते हैं और निकलते समय उन्हें वापस ले सकते हैं. गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने भरोसा जताया कि इस वर्ष सरकार और प्रशासन के ठोस प्रयासों से यात्रा और अधिक सुगम, सुरक्षित और मर्यादित बनेगी. यह फैसला साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार आस्था के केंद्रों की गरिमा बनाए रखने के लिए समय रहते ठोस कदम
बैठक में लिए गए निर्णय
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई. बैठक में गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप समेत कई जिलों के जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए. गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मीडिया को बताया कि पिछले कुछ सालों में मोबाइल से रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार बार विवाद की स्थिति सामने आई, जिससे धामों की गरिमा प्रभावित होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
