pm modi meeting cms middle east: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया तनाव और ‘होर्मुज’ संकट के बीच मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर देश में तेल और जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने इस स्थिति की तुलना कोविड-19 महामारी से करते हुए केंद्र और राज्यों को एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय संकट के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए तैयार रहने को कहा है.

pm modi meeting cms middle east: Narendra Modi ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की है. यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर पैदा हुई चिंता के बीच बुलाई गई है. खासतौर पर Strait of Hormuz के बंद होने की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है. इस मीटिंग का मुख्य मकसद यह है कि दुनिया में चाहे कितनी भी उथल-पुथल हो जाए, लेकिन भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित न हो. सरकार चाहती है कि आम लोगों तक जरूरी चीजें बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहें.
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा संकट भारत के लिए लंबी चुनौती बन सकता है. इसलिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि अपने-अपने राज्यों में ऐसी व्यवस्था रखें जिससे जरूरी वस्तुओं की कमी न हो. उन्होंने यह भी कहा कि जब देश पर संकट आता है, तब सभी सरकारों को एक परिवार की तरह काम करना पड़ता है. इसी सहयोग की भावना से इस बैठक का आयोजन किया गया है.
प्रधानमंत्री ने इस स्थिति की तुलना COVID-19 महामारी के समय से भी की. उन्होंने याद दिलाया कि साल 2020 में जब महामारी फैली थी, तब केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया था. उस समय लगातार बैठकों के जरिए हालात पर नजर रखी गई थी. टेस्टिंग, इलाज और दूसरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई फैसले लिए गए थे. उसी तरह की एकजुटता आज भी जरूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर देश पर कम से कम पड़े.
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ सकती है. इसलिए राज्यों को पहले से तैयारी रखने को कहा गया है. इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो पाए. इन राज्यों में चुनाव के कारण आचार संहिता लागू है. इसी वजह से वे इस बैठक का हिस्सा नहीं बन सके. बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने इलाकों की स्थिति और तैयारियों की जानकारी दे रहे हैं.
इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय मंत्री भी मौजूद हैं. Amit Shah और Rajnath Singh भी चर्चा में शामिल हुए. कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी बैठक से जुड़े. इनमें Yogi Adityanath, Mohan Yadav, Pushkar Singh Dhami, Vishnu Deo Sai, Chandrababu Naidu, Revanth Reddy, Bhagwant Mann, Omar Abdullah, Hemant Soren, Bhupendra Patel और Devendra Fadnavis शामिल रहे. सभी नेताओं ने अपने राज्यों की तैयारियों और हालात की जानकारी साझा की. सरकार की कोशिश है कि वैश्विक संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर कम से कम पड़े.
