pm modi speech in tamil nadu: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास न होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और DMK पर निशाना साधते हुए उन्हें महिला विरोधी करार दिया है, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है.

pm modi speech in tamil nadu: महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल को लेकर देश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है. शुक्रवार 17 अप्रैल 2026 को यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया. इसके बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi का पहला बयान सामने आया है. तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर बात की. जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों पर कड़ा हमला बोला. प्रधानमंत्री ने कहा कि बिल पास न होने से महिलाओं को मिलने वाला बड़ा फायदा रुक गया है. उनके मुताबिक इस स्थिति के लिए विपक्ष जिम्मेदार है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार महिलाओं को ज्यादा राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. उन्होंने बताया कि साल 2023 में सरकार ने Nari Shakti Vandan Adhiniyam को पारित किया था. इसके बाद 16 अप्रैल को संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया था. उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि साधारण परिवारों की महिलाएं भी संसद और विधानसभा तक पहुंचें. इससे देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी.
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई राजनीतिक दलों से इस बिल को समर्थन देने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने विपक्ष से यह भी कहा था कि अगर वे चाहें तो इस फैसले का श्रेय खुद ले सकते हैं. उनके लिए सबसे अहम बात यह थी कि देश की महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले. लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस कोशिश का समर्थन नहीं किया.
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने खास तौर पर Indian National Congress और Dravida Munnetra Kazhagam पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इन दलों ने ओछी राजनीति करते हुए इस पहल को आगे नहीं बढ़ने दिया. उनके अनुसार अगर यह बिल पास हो जाता तो तमिलनाडु की कई महिलाएं सांसद और विधायक बन सकती थीं. उन्होंने यह भी कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य को और सीटें मिलने की संभावना थी. लेकिन उनके मुताबिक कुछ राजनीतिक दल ऐसा नहीं चाहते थे.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी साफ किया कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए आगे भी प्रयास करते रहेंगे. सरकार का लक्ष्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है. सूत्रों के अनुसार सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए दूसरे रास्तों पर भी विचार कर रही है. आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना है.
