pulwama attack mastermind: वर्ष 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के घोषित आतंकवादी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

pulwama attack mastermind: पुलवामा हमले से जुड़े कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके परिवार का बयान सामने आया है. हमजा की बड़ी बहन ने कहा कि उन्हें अपने भाई की मौत की जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए मिली. उन्होंने बताया कि फेसबुक पर खबर देखने के बाद परिवार को इस घटना का पता चला. इसके बाद फोन पर भी कुछ लोगों ने जानकारी दी. बहन के मुताबिक परिवार को पहले इस बारे में कोई पक्की सूचना नहीं थी. उन्होंने कहा कि अभी भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि हमजा अब इस दुनिया में नहीं रहा.
हमजा की बहन ने बताया कि वह परिवार से फोन पर बात करता था. हर बार वह यही कहता था कि पाकिस्तान पढ़ाई करने गया है. परिवार को भी लंबे समय तक यही लगता रहा कि वह पढ़ाई कर रहा है. लेकिन धीरे-धीरे उसका संपर्क कम होने लगा. बाद में परिवार को पता चला कि वह गलत रास्ते पर चला गया है. बहन ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हमजा किन गतिविधियों में शामिल हो चुका है. परिवार ने यह भी कहा कि उनसे उसका संपर्क पहले जैसा नहीं रहा था.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हमजा बुरहान की मौत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हुई. बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलीबारी की. हमले में उसे कई गोलियां लगीं. गंभीर हालत में उसे बचाया नहीं जा सका और बाद में उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में तनाव और डर का माहौल बताया जा रहा है. फिलहाल हमले के पीछे कौन लोग थे और हमला क्यों किया गया, इसकी जांच जारी है.
हमजा बुरहान का नाम साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले से जोड़ा जाता रहा है. इस हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. उस समय पूरे देश में भारी आक्रोश देखने को मिला था. यह हमला जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों ने किया था. एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी सीआरपीएफ के काफिले से टकरा दी थी. इसके बाद भारत ने आतंक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था और कई बड़े कदम उठाए गए थे.
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2022 में हमजा बुरहान को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह लंबे समय से आतंकी नेटवर्क और भर्ती गतिविधियों से जुड़ा हुआ था. अब उसकी मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे कौन लोग थे और इसका मकसद क्या था.
