29 जून यानी आज के दिन तक राबड़ी देवी को आवास खाली करने का लास्ट नोटिस दिया गया था. बता दें कि इससे पहले भी उन्हें 4 नोटिस जारी किए जा चुके थे. हालांकि, वह बार-बार नए पेंच लगाकर आवास को न खाली करने की कोशिश कर रही थी. यह दांव अब पूरी तरीके से फेल हो गया है. दरअसल, राबड़ी देवी ने आज आवास खाली कर दिया है.
प्रशासनिक नियमों के मुताबिक यह आवास पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया हुआ है. मई 2026 में ही उन्हें यह भवन दे दिया गया है. लेकिन राबड़ी देवी के खाली न करने की वजह से वह वहां शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं. 2005 से लालू परिवार वहां रह रहा है. सत्ता पक्ष का कहना है कि पद बदलने के बाद में सरकारी बंगला खाली करना पड़ता है. ऐसा करना एक आम प्रशासनिक प्रक्रिया है. लालू परिवार को 39, हार्डिंग रोड में स्थित बंगला आवंटित किया गया है.
क्या लगाया था नया पेंच
दरअसल, राबड़ी देवी का कहना है कि जब उन्हें यह सरकारी मकान मिला था. तब उन्हें पंखे, लाइटें, फर्नीचर और एंयर कंडीशनर आदि दिया गया था. वह उन समानों की अधिकारिक लिस्ट मांग रही थी. ताकि भविष्य में सरकारी समान ले जाने जैसे आरोप न लग पाएं. उनका कहना था कि मूल आवंटन के समय में आवास में उपलब्ध सभी समान की लिस्ट मुहैया कराई जाएं. ताकि उन्हें पता लगे कि क्या समान उनका अपना और क्या प्रशासन का. बिना समान मिलान के वह बंगला हैंडओवर नहीं करेंगी. उन्होंने चेकिंग और समान मिलाने की प्रक्रिया के लिए 5 जुलाई तक का समय मांगा था. हालांकि, विभाग ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद आज उन्होंने आवास को खाली कर सारा समान कौटिल्य नगर में स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट किया है.
सत्ताधारी पार्टी की चाल
राबड़ी देवी आवास को खाली करने के पीछे की वजह, एनडीए की बदले की राजनीति बोल रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी को भी कुछ दिन पहले हटाया गया था. हालांकि, सत्ता वाली पार्टी इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बोल रही है.
