अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल, चंदा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अब वकील मिलना मुश्किल हो गया है. बता दें कि सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया है. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि सोमवार को प्रस्तावित संगठन की आम बैठक में यह निर्णय लिया गया है. इस फैसले में कोई भी अयोध्या का वकील उनके केस को नहीं लड़ेगा.
क्या है यह फैसला?
दरअसल, सोमवार के दिन में बार एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है कि कोई भी वकील चंदा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा. एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल का कहना है कि ‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से सभी लोग आहत है. इसी वजह से फैजाबाद के सभी अभिवक्ताओं ने आरोपियों की पैरवी न करने का फैसला लिया है. आम सभा की बैठक में यह अंतिम निर्णय लिया गया है. इसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी.’
कई वकीलों ने इस बात पर भी गुस्सा और नाराजगी जताई है कि पुलिस ने चुपचाप आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर दिया है. सभी वकीलों को मानना था कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था.
अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ‘पुलिस आरोपियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था देकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए लेकर गई थी. जो कि बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए था. पश्चिम बंगाल की तरह ही उन्हें करना चाहिए था. पहले जनता के सामने ले जाना चाहिए था.’
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने मामले पर कहा कि ‘कुछ लोगों की करतूतों की वजह से पूरे अयोध्यावासियों की छवि दुनिया में खराब हो गई है. इसी कारण से इन आरोपियों पर बुलडोजर नीति का प्रयोग कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
