होली कई लोगों का पसंदीदा त्योहार होता हैं. हिंदू धर्म में इस पर्व को अच्छाई पर बुराई की जीत को दिखाने के लिए मनाया जाता हैं. हालांकि, ये कहना भी गलत नहीं होगा कि होली सिर्फ पुरुषों और इस दिन घूमने वाले हुड़दंगियों का ही पसंदीदा त्योहार है. ऐसा इसलिए क्योंकि हर साल महिलाओं के साथ बुरा न मानों होली कहकर कई लड़के उन्हें इधर-उधर बिना इजाजत के छुते हैं. कई केस में तो गुब्बारों में सीमन भर कर भी महिलाओं के ऊपर डाल दिया जाता हैं.
महिलाएं घरों से नहीं जाना चाहती बाहर
इसी कारण से कई महिलाएं इस दिन घरों से बाहर जाने में भी डरती हैं. अपनी पूरी जिदंगी में कई महिलाओं ने होली के समय अपने साथ बुरा न मानों होली के नाम पर छेड़छाड़ सहा है. एक धार्मिक पर्व के त्योहार में इतनी अश्लीलता फैला देना की महिलाएं घर से बाहर भी न निकल पाएं. ये कहना भी गलत नहीं होगा.
त्योहार पर आती विदेशी महिलाओं के साथ छेड़छाड़
हालांकि, बात करें देश की इमेज को खराब करने की. तो इसमें भी लोग पीछे नहीं हटते नहीं है. जहां दूर-दूर से दूसरे देशों की महिलाएं होली खेलने के लिए आती हैं. ये उनके साथ और ज्यादा बदतमीजी करते दिखाई देते हैं. ऐसे में जहां एक त्योहार एक देश की छवि को दर्शाता हैं. ऐसी स्थिति में वे महिलाएं अपने साथ त्योहार के नाम पर हुई छेड़खानी के किस्से अपने संग लेकर जाती हैं.
जापान महिला के साथ छेड़छाड़
ऐसी एक घटना लोगों के बीच काफी चर्चें में थी. जहां होली का त्योहार देखने आई विदेशी महिला के साथ कुछ लड़कों के समूह ने बदसलूकी की. हुड़दंगियों ने महिला को जबरदस्ती पकड़ उनके सिर पर अंड़े फोड़ें. इधर-उधर छूकर कलर लगाया. वीडियो के वायरल होने के बाद सभी लोगों ने कमेंट सेक्शन में महिला से माफी भी मांगी.
गुब्बारों में सीमन भर कर डाला
2018 का एक चर्चित केस लड़कियों के दिलों में आज तक डर बना कर रखा हुआ है. दरअसल, दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपनी आपबीती बताई थी. छात्रा अपनी दोस्त के साथ लंच करने के लिए मार्केट गई हुई थी. तभी कुछ लड़कों ने उसपर बैलून फेंके. बैलून में मौजूद लिक्विड महिला के पूरे शरीर पर फैल गया. घर जाने के बाद पता लगा कि वह लिक्विड सीमन है.
एक छात्रा के पोस्ट करने के बाद सामने आया कि ये केवल एक के साथ नहीं कई महिलाओं के साथ ऐसा होता आया है.
जानकर हैरानी होगी कि इस समय महिलाओं के साथ-साथ छोटी बच्चियों को भी ये बदमाश नहीं छोड़ते हैं. बीते साल एक शराबी ने दुकान पर होली के लिए कलर लेने गई दो बच्ची को पकड़ उसके साथ रेप की कोशिश की. एक बच्ची कैसे न कैसे दांत काटकर भाग गई और दूसरी बच्ची जो महज 7 साल की थी. उसके साथ नशे में रेप किया गया.
गानों मे मौजूद अश्लीलता
अगर बात करें, होली के समय ऐसे केस के होने के पीछे के कारण की, तो बता दें अकेले ये ही बल्कि कई लोग त्योहारों की पवित्रता को भंग करने के पीछे हैं. दरअसल, हर साल महिलाओं के शरीर से संबंधित ऐसे भोजपुरी गाने निकाले जाते हैं, जिसकों सुनते ही सभी महिलाएं शर्मशार हो जाती है. जीजा-साली और देवर भाभी जैसे पवित्र रिश्तें को इस समय में गानों के जरिए बदनाम किया जाता है. कई पुरुष केवल ऐसे गाने सुनते हैं. तो कई इन गानों के मतलब को असल जिंदगीं में भी करने की कोशिश करते हैं. भारत का एक बड़ा युवा गानों और फिल्मों से प्रेरित होता है.
शराब की ताबड़तोड़ बिक्री
इसके बाद बात करें दूसरी वजह की. तो उसमें शराब शामिल है. इस समय में होने वाले ज्यादातर मामले शराब के नशे में किए जाते हैं. हालांकि, चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार होली के समय में शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में शराब की बिक्री सबसे ज्यादा होती है. लोग एक-एक दिन पहले ही इनकी पेटी खरीद कर पीने के लिए रख लेते हैं.
इन्हीं सब कारणों की वजह से होली के समय में ऐसे केस कई ज्यादा देखने को मिलते हैं.
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