NTA की मांग के बाद में केंद्र सरकार ने टेलीग्राम एप पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा लगा दिया है. सरकार के लगाए प्रतिंबध को चुनौती देते हुए टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का सहारा लिया है. टेलीग्राम की दायर याचिका की सुनवाई बुधवार को जस्टिस तेजस करिया की अदालत में होगी. कंपनी का कहना हैं कि एप पर लगाया प्रतिबंध ठीक नहीं है.
क्यों लगाया गया बैन
दरअसल, सरकार ने NTA की मांग के बाद में यह फैसला लिया है. एजेंसी का कहना था कि कुछ टेलीग्राम ग्रुप दोबारा से नीट का पेपर देने वाले बच्चों को गुमराह कर रहे हैं. साथ ही कई ऐसे फीचर उसमें मौजूद है, जो कि चीटिंग का नेटवर्क चलाने वाले लोगों के काम आ सकते हैं. बार-बार बड़े साइज की फाइल को शेयर कर पेपर लीक लिख, बच्चों की तैयारियों में बाधा डाला जा रही है. इसी कारण से एजेंसी ने यह मांग उठाई थी. यह प्रतिबंध NEET-UG री-एग्जाम के दिन और उसके बाद तक लागू रहेगा.
टेलीग्राम के फाउंडर ने इस फैसले के बाद एक्स पर लिखा कि ‘सरकार ने टेलीग्राम को बंद कर दिया है, क्योंकि कुछ यूजर्स ने उनके पेपर को लीक करके टेलीग्राम पर शेयर कर दिया है. ऐसा करके वह 15 करोड़ यूजर को सजा दे रहे हैं. उन इनसाइडर्स को सजा नहीं मिल रही है. इस एप पर नहीं, तो अब वह दूसरे एप्स से लीक की घटनाएं अंजाम देंगे.
नीट के पेपर पहले भी हुए लीक
बता दें कि नीट का पेपर लीक होने में टेलीग्राम ग्रुप की सबसे बड़ी भूमिका मानी जा रही है. दरअसल, उसमें कई ऐसी फीचर हैं, जिसमें बड़ी-बड़ी फाइलों को आसानी से शेयर कर दिया जाता है. साथ ही 2026 में हुआ लीक नीट पेपर भी टेलीग्राम के एक ग्रुप से ही हुआ था. इसके अलावा इंस्टाग्राम और कई सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि जल्द ही दोबारा पेपर लीक होगा.
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