होली के त्योहार पर लोग अपने घरों पर वापस जाने की तैयारी में हैं, लेकिन ट्रेनों के टिकट पहले से ही बुक हो चुके हैं. वहीं फ्लाइट की टिकट भी काफी ज्यादा महंगी हो गई है.
घर जाने के लिए ट्रेन-फ्लाइट का लेते हैं सहारा
होली का त्योहार सभी के लिए खास होता है. अपने घरों से बाहर काम करने वाले लोग इस त्योहार पर वापस घर पर जाकर कुछ दिनों तक रहकर आते हैं. जैसे-जैसे होली का त्योहार करीब आ रहा है, लोग भी वैसे-वैसे अपने घरों पर लौटने की तैयारियों में जुट गए हैं. घरों से बाहर रहकर काम करने वाले ज्यादातर लोग मिडिल क्लास होते हैं, जिसके चलते वे घर जाने के लिए ट्रेन या फ्लाइट का सहारा लेते हैं.
ट्रेनों में फुल हो गई सीटें

घर वापस जाने के लिए लोग काफी उत्सुक रहते हैं, लेकिन उनकी यह उत्सुकता तब टूटती हुई नजर आती है, जब ट्रेन में सीट बुक करने के लिए आवेदन किया जाता है, या फिर फ्लाइट की टिकट बुक करने के लिए हम प्रक्रिया को शुरू करते हैं. लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या आ रही है कि ट्रेनों में सभी सीटें पहले से बुक हो चुकी हैं, जिसके चलते लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई दे रही है, वहीं कई ट्रेनें ऐसी हैं, जो पूरी की पूरी बुक हो गई हैं.
3 मार्च के लिए नहीं मिल रहे टिकट

अगर हम उदाहरण के तौर पर मान लें, कि अगर आपको देश की राजधानी दिल्ली से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस या बिहार वाले रूट पर जाना है. इस रूट पर चलने वाली ट्रेने होली के एक दिन पहले यानी कि 3 मार्च को पहले से ही कंफर्म सीटों के साथ में भर चुकी हैं. हालांकि इस रूट पर रेलवे की तरफ से 36 स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए भी ऐलान किया गया है, लेकिन 3 मार्च के दिन सभी ट्रेनों के टिकट पहले से ही बिक गए हैं या फिर लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ रहा है.
विमान की तरह आसमान छू रहे टिकट
अब बात आती है फ्लाइट की, लोग सोचेंगे कि अगर ट्रेन में टिकट नहीं मिल रहा है, तो वे फ्लाइट से घर चले जाएंगे. अब आपको फ्लाइट के हालातों के बारे में भी जानकारी दे देते हैं. दिल्ली से वाराणसी या कहीं नजदीकी एयरपोर्ट पर जाने के लिए नॉर्मल दिनों पर फ्लाइट के टिकट की शुरूआत आमतौर पर 3,500 रुपए से हो जाती है, लेकिन जैसे ही होली का त्योहार करीब आ रहा है, तो फ्लाइट का किराया भी विमान की तरह ही आसमान की ऊंचाइयों को छूने लगा है.
फ्लाइट की टिकट हो गई दोगुनी
होली के एक दिन पहले यानी कि 3 मार्च के दिन फ्लाइट का किराया दिल्ली से बनारस तक 8,000 रुपए से लेकर 10,800 रुपए तक पहुंच गया है. जिसके चलते आम आदमी की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है. इन हालातों में व्यक्ति अपने घर पर वापस जाने की इच्छा को खुद के अंदर दबाकर फिर से अपने काम पर लग जा रहा है. फ्लाइट के टिकट की प्राइसिंग इतनी ज्यादा होने और ट्रेनों पर सीट न मिलने के कारण लोगों को घर वापस जानें में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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