Trump Gaza Board of Peace China: ट्रंप के गाजा के लिए बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने पर चीन ने शर्त रखी है कि यह मंच संयुक्त राष्ट्र के तहत होना चाहिए. चीन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की भूमिका कमजोर करने वाली किसी भी पहल में वह साथ नहीं देगा. हालांकि उसे इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता मिला है.

Trump Gaza Board of Peace China: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए बनाए गए अपने नए मंच बोर्ड ऑफ पीस में कई देशों को शामिल होने का न्योता दिया है. इनमें भारत, रूस, पाकिस्तान, तुर्की, कतर और चीन जैसे देश भी हैं. लेकिन चीन इस पहल से खुश नहीं दिख रहा है. उसने साफ कहा है कि अगर यह मंच संयुक्त राष्ट्र के तहत नहीं बनाया गया, तो वह इसमें शामिल होने को लेकर सहज नहीं होगा. चीन का कहना है कि वह हमेशा संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करता है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि चीन सच्चे बहुपक्षवाद में भरोसा करता है. वह संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर बनी व्यवस्था की रक्षा करता रहेगा. गुओ ने यह भी कहा कि चाहे दुनिया की स्थिति जैसी भी हो जाए. चीन संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के साथ खड़ा रहेगा. उनका कहना था कि किसी भी नई पहल को संयुक्त राष्ट्र के दायरे में होना चाहिए.
चीन ने जताई आपत्ति
दरअसल ट्रंप ने हाल में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र को बने रहना चाहिए. लेकिन उनका बोर्ड ऑफ पीस संभव है कि भविष्य में उसकी जगह ले सके. इसी बयान पर चीन ने आपत्ति जताई है. चीन का मानना है कि ऐसी किसी भी व्यवस्था से संयुक्त राष्ट्र की भूमिका कमजोर नहीं होनी चाहिए. चीन ने यह भी पुष्टि की है कि उसे अमेरिका से बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण मिला है. लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह इसमें जाएगा या नहीं.
ट्रंप की योजना है कि स्विट्जरलैंड के दावोस में बोर्ड ऑफ पीस को औपचारिक रूप दिया जाए. इसके लिए एक हस्ताक्षर समारोह भी रखा जाएगा. जब चीन से पूछा गया कि क्या उसका कोई प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में जाएगा, तो गुओ ने कहा कि इस मुद्दे पर चीन पहले ही अपनी बात रख चुका है. उनके पास इस समय कोई नई जानकारी नहीं है. चीन ने यह भी कहा कि वैश्विक व्यवस्था में किसी तरह की अराजकता किसी के हित में नहीं है.

बोर्ड ऑफ पीस का मकसद गाजा के भविष्य को लेकर काम करना है. पिछले साल अक्टूबर में ट्रंप की कोशिशों से इजरायल और हमास के बीच सीजफायर हुआ था. यह ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना का हिस्सा था. अब इस योजना का दूसरा चरण शुरू हो रहा है. इसी के तहत बोर्ड ऑफ पीस बनाया जा रहा है. ट्रंप ने खुद को इस बोर्ड का अध्यक्ष घोषित किया है. यह बोर्ड गाजा के अस्थायी शासन और उसके पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा. इसका कामकाज तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति संभालेगी.
