अगले 48 घंटे में यूपी बीजेपी की नई टीम की लिस्ट आ सकती है. इस बार संगठन में उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिला से लेकर प्रदेश स्तर पर अहम पद दिए जा सकते हैं, जो लंबे समय से जमीन पर सक्रिय हैं.
UP Bjp: लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कई दौर की बैठक के बाद प्रदेश की नई कार्यकारिणी का खाका लगभग तैयार कर लिया गया अगले 48 घंटे में यूपी भाजपा संगठन की सूची आ सकती है. पिछली बैठक में नई टीम के नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी गई है. भाजपा ने ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं को जिम्मेदारी देने की योजना बनाई है, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं. वहीं कई अनुभवी पदाधिकारियों की भूमिका बदली जा सकती है. जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को जिला से लेकर प्रदेश के अहम पदों पर बैठाया जा सकता है.
संतुलित प्रतिनिधित्व
क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिए पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक के नेताओं को शामिल किया गया है. इसके साथ ही, जिन वर्गों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई थी, उन्हें संगठन में समायोजित किया जाएगा और महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी.
40 से 50 फीसदी नए चेहरों को जगह
इस बार प्रदेश टीम में 40 से 50 फीसदी नए चेहरों को जगह मिल सकती है. लंबे समय से संगठन में जमे कई नेताओं की छुट्टी भी हो सकती है भाजपा विधानसभा चुनाव- 2027 को देखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने में जुटी है. पंकज चौधरी ने 14 दिसंबर, 2025 को भाजपा यूपी अध्यक्ष का पद संभाला था. इसके बाद से ही नई टीम के गठन को लेकर लगातार मंथन चल रहा है. पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह अब तक 12 से ज्यादा बार दिल्ली जाकर केंद्रीय नेताओं से चर्चा कर चुके हैं. यूपी भाजपा की मौजूदा संगठनात्मक टीम 25 मार्च, 2023 में बनी थी.
जातीय समीकरण पर फोकस
नई राज्य इकाई में दलित और ओबीसी जाति को खास अहमियत देने की है. 2024 के अनुभवों को देखते हुए नई टीम में दलित और ओबीसी (OBC) समुदायों को विशेष अहमियत दी जा रही है. खासकर उन जातियों के नेताओं को आगे लाया जा रहा है, जिनका झुकाव पिछले चुनावों में थोड़ा बदला था.मंत्रिमंडल में जिन जाति को तवज्जे नहीं मिली है, उन्हें संगठन में अहमियत देने की है. यूपी बीजेपी की नई टीम में महिलाओं को पर्याप्त भागीदारी देने की रणनीति है.
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