बुधवार के दिन उत्तर प्रदेश में मौसम का अलग ही प्रकोप देखने को मिला. धूल भरी आंधी तूफान और भारी बारिश के कारण हर जगह तबाही मच गई है. दुखद बात यह हैं कि इस तबाही के कारण कई जिलों में लोगों की मौत हो गई है. करीब 89 लोगों की आंधी तूफान के कारण मौत हो गई है.
प्रतापगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज, भदोही, उन्नव, चंदोली, बरेली, सोनभद्र, बंदायू, मिर्जापुर और कानपुर देहात में भारी बारिश और आंधी तूफान की वजह से कुल 89 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, कई लोग घायल हो गए है. प्रयागराज में 17, फतेहपुर में 9, बरेली में 4,भदोही में 16, उन्नाव में 4, कानपुर देहात में 3, मिर्जापुर में 14, सोनभद्र में 1 और चंदोली में 2 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. बता दें कि प्रयागराज में अभी तक पूरी जानकारी नहीं आई है. आशंका हैं कि वहां पर मौत को आंकड़ा बढ़ सकता है.
मिर्जापुर में भी प्रयागराज जैसा ही मौत का तांडव देखने को मिला है. टीन शेड, पेड़ और दीवार के गिरने की वजह से 14 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है. वहीं, कई लोग बुरी तरीके से घायल बताए जा रहे हैं. बरेली में इस तूफान की चपेट में आकर 4 लोगों की जान चली गई है. पशुधन की भी हानि देखने को मिली है. साथ ही कई लोगों का जनजीवन आंधी तूफान आने की वजह से पूरी तरीके से अस्त व्यस्त हो चुका है. बच्चों से लेकर बूढ़े सभी ने अपनी जान इस आंधी तूफान की वजह से खो दी है.
राज्य सरकार ने ऐसे में बड़ा फैसला लिया है. अचानक से आई भारी बारिश और बिजली तूफान की वजह से हुई मौत का आंकड़ा अभी जुटाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा में परिवार के सदस्यों को खोने वाले लोगों को मुआवजा और प्रभावित स्थलों पर दौरा करने का फैसला लिया है. राहत बचाव में साफ निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के अंदर-अंदर राहत बचाव के निर्देश का पालन हो. हर संभव सहायता परिवार को मुहैया करवाई जाएं.
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