उत्तर प्रदेश से एक हैराम कर देने वाली घटना सामने आयी है. देवरिया जिले में एक प्राइवेट लाइनमैन की बिजली विभाग की लापरवाही के चलते मौत हो गई.
उत्तर प्रदेश में लाइनमैन की मौत
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आयी है. रविवार को लार थाना क्षेत्र के मझवलिया नंबर तीन गांव में शाम करीब 4 बजे एक प्राइवेट लाइनमैन की बिजली विभाग की लापरवाही के कारण मौत हो गई. बताया जा रहा है कि 30 साल जा मुख़्तार साहनी लार थाना क्षेत्र के धरहरा गांव का निवासी था. मुख़्तार साहनी फरियावडीह विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा हुआ एक प्राइवेट लाइनमैन था.
लाइन सही करते समय चालू कर दी बिजली
जानकारी के मुताबिक जेई को ब्रेकडाउन की सूचना मिली, जिसके बाद जेई नें मुख़्तार साहनी को फोन कर लाइन ठीक करने के लिए भेजा था. मुख़्तार साहनी मौके पर पहुंच कर ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर लाइन को सही कर रहा था, इसी दौरान बिजली की आपूर्ति को चालू कर दिया गया, जिसके बाद लाइनमैन करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया. करंट लगकर झुलसने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
घंटों ट्रांसफार्मर पर लटका रहा लाइनमैन का शव
इस घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंचा, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी गांव वालों के गुस्से के कारण लाइनमैन के शव को ट्रांसफार्मर से नीचे नहीं उतरा जा सका. लाइनमैन का शव घंटों तक ट्रांसफार्मर के ऊपर लटका रहा. इस मामले को लेकर ग्रामीण बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर गुस्से में थे. गांव वाले लाइनमैन की मौत के चलते आर्थिक मुआवजे की मांग भी कर रहे थे.
आर्थिक मदद का भरोसा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस हादसे के बाद में बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था. इस हादसे के लगभग 4 घंटे बाद में नायब तहसीलदार, सीओ सलेमपुर और बिजली विभाग के SDO मौके पर पहुंचे थे. जिसके बाद सभी अधिकारियों ने मिलकर गांव वालों को इस मामले में जांच और आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया है. जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और लाइनमैन मुख्तार साहनी के शव को ट्रांसफार्मर से नीचे उतारा गया. पुलिस ने लाइनमैन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.
